भारत सरकार ने एलपीजी आपूर्ति और पश्चिम एशिया संकट पर स्थिति स्पष्ट की है। जानें पेट्रोलियम मंत्रालय की तैयारी, समुद्र में फंसे 22 जहाजों की स्थिति और पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीति के बारे में।
By: Ajay Tiwari
Mar 20, 20264:05 PM
नई दिल्ली |
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने घरेलू ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन LPG स्टॉक पर्याप्त, PNG अपनाने पर मिलेगा 'बोनस'
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने जानकारी दी कि देश की सभी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता (Full Capacity) के साथ काम कर रही हैं।
वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा: सरकार ने उपभोक्ताओं से नेचुरल गैस (PNG) अपनाने की अपील की है। जो राज्य इस दिशा में तेजी दिखाएंगे, उन्हें अतिरिक्त 10% एलपीजी कोटा दिया जाएगा।
आपूर्ति के आंकड़े: पिछले 24 घंटों में 55 लाख ऑनलाइन बुकिंग हुई हैं, जिनमें से 93% डिलीवरी प्रक्रिया में हैं। कमर्शियल एलपीजी का 50% हिस्सा अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता पर दिया जा रहा है।
कालाबाजारी पर नकेल: देशभर में 4500 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है (अकेले उत्तर प्रदेश में 1100 जगहें)। ऑयल कंपनियों ने भी 1800 सरप्राइज इंस्पेक्शन किए हैं ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने समुद्री सुरक्षा पर राहत भरी खबर दी..
निगरानी जारी: डीजी शिपिंग (DG Shipping) लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: पिछले 24 घंटों में एक विशेष अभियान के तहत 25 भारतीयों को स्वदेश वापस लाया गया है।
पोर्ट्स पर स्थिति: देश के किसी भी पोर्ट पर कंजेशन (भीड़) नहीं है। न्यू मंगलोर पोर्ट ने क्रूड और एलपीजी कार्गो शुल्क में छूट (Waiver) की घोषणा की है, जो 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए वैश्विक नेताओं से सीधा संवाद किया है:
पांच देशों के नेताओं से बात: पीएम मोदी ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के शासकों/नेताओं से फोन पर चर्चा की।
भारत का रुख: प्रधानमंत्री ने ऊर्जा अवसंरचना (Energy Infrastructure) पर हमलों की कड़ी निंदा की और 'संवाद एवं कूटनीति' के जरिए शांति बहाली पर जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य: सभी नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही (Safe Navigation) सुनिश्चित करने का समर्थन किया है।
सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही गैस किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिला निगरानी समितियां और कंट्रोल रूम (32 राज्यों/UTs में स्थापित) स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं। पैनिक बुकिंग (Panic Booking) न करें, क्योंकि इससे वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।