ईरान ने मुजतबा खामेनेई को अपना नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है। ईरानी संसद अध्यक्ष ने डोनाल्ड ट्रंप और एपस्टीन मामले पर तंज कसते हुए दी कड़ी प्रतिक्रिया। जानें पूरी रिपोर्ट।

तेहरान। स्टार समाचार वेब
ईरान की राजनीति में सोमवार तड़के एक ऐतिहासिक मोड़ आया जब सरकारी टेलीविजन ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे, मुजतबा खामेनेई को देश का नया 'सुप्रीम लीडर' घोषित किया। लंबे समय से चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने मुजतबा के नाम पर मुहर लगा दी है।
कौन हैं नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई?
55 वर्षीय मुजतबा खामेनेई को ईरान की सत्ता संरचना में हमेशा से एक शक्तिशाली पर्दे के पीछे के खिलाड़ी के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद या चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन वे अपने पिता के कार्यालय और ईरान की शक्तिशाली सेना 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) के भीतर गहरा प्रभाव रखते हैं। उनके चयन को ईरान की धार्मिक और रणनीतिक निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी संसद ने ट्रंप को लपेटा: 'एपस्टीन गिरोह' का किया जिक्र
मुजतबा के चयन के तुरंत बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने अमेरिका और विशेष रूप से नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। ट्रंप के उस बयान का मजाक उड़ाते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान उनके हस्तक्षेप के बिना उत्तराधिकारी नहीं चुन सकता, कालिबाफ ने कहा— "ईरान की तकदीर का फैसला कोई बाहरी ताकत या जेफ्री एपस्टीन के गिरोह से जुड़े लोग नहीं, बल्कि खुद ईरानी अवाम करेगी।"
यह तंज सीधे तौर पर अमेरिका में सार्वजनिक हुए उन सीक्रेट दस्तावेजों की ओर इशारा था, जिनमें कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ ट्रंप सहित कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम होने का दावा किया गया है।
इजराइल और अमेरिका की धमकियों के बीच चयन
ईरान का यह कदम ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि वह खामेनेई के किसी भी उत्तराधिकारी को अपना निशाना बना सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में मुजतबा के चयन को अमेरिका और इजराइल के लिए ईरान का एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि वह बाहरी दबाव में अपनी सत्ता का स्वरूप नहीं बदलेगा।
विशेष विश्लेषण: 0ण् कौन हैं मुजतबा खामेनेई और क्या होगा मिडिल ईस्ट पर असर?
ईरान की सत्ता के गलियारों में 'छाया पुरुष' (Shadow Man) कहे जाने वाले 55 वर्षीय मुजतबा खामेनेई अब आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली धार्मिक और रणनीतिक पदों में से एक पर आसीन हो गए हैं। उनकी नियुक्ति केवल एक पारिवारिक उत्तराधिकार नहीं, बल्कि पश्चिम (West) के खिलाफ ईरान की 'कठोर नीति' के जारी रहने का संकेत है।
मुजतबा खामेनेई: पर्दे के पीछे से सत्ता के शिखर तक
अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे मुजतबा ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उनकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ईरान की सबसे घातक सैन्य इकाई 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स' (IRGC) और खुफिया तंत्र पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
रणनीतिकार की भूमिका: मुजतबा को 2009 के विवादित चुनावों के दौरान प्रदर्शनों को कुचलने और देश के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का मुख्य रणनीतिकार माना जाता है।
धार्मिक कद: उन्होंने ईरान के पवित्र शहर 'कुम' (Qom) में वर्षों तक धार्मिक शिक्षा ली है, जो सुप्रीम लीडर बनने के लिए एक अनिवार्य योग्यता है।
मिडिल ईस्ट के समीकरण: अब क्या बदलेगा?
एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (Axis of Resistance) की मजबूती
इजराइल और अमेरिका के खिलाफ लड़ रहे गुटों (हिजबुल्लाह, हमास और हूतियों) को मुजतबा का सीधा समर्थन मिलने की उम्मीद है। वे अपने पिता की तुलना में अधिक 'कट्टरपंथी' माने जाते हैं, जिससे इजराइल के साथ सीधे टकराव की आशंका बढ़ सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और इजराइल की धमकियों के बीच, मुजतबा के नेतृत्व में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को 'ब्रेकथ्रू' स्तर तक ले जा सकता है। यह सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षा चिंता का विषय होगा।
ईरानी संसद का हालिया बयान दर्शाता है कि मुजतबा के कार्यकाल में ईरान केवल रक्षात्मक नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका के आंतरिक राजनीतिक विवादों (जैसे एपस्टीन फाइलें) का इस्तेमाल वैश्विक मंच पर अपनी 'नैरेटिव वार' (Narrative War) जीतने के लिए करेगा।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव गहराता दिख रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में स्थित अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए हाई सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइन के पास मस्जिद में जोरदार धमाका। आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत और 30 घायल।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को न्यूयॉर्क आने के लिए वीजा देने से इंकार कर दिया है। अमेरिका के इस फैसले के बाद महासभा में एक विशेष प्रस्ताव लाया गया, ताकि राष्ट्रपति अब्बास वीडियो लिंक के जरिए बैठक को संबोधित कर सकें।
अमेरिका और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच कथित सीक्रेट डील की पूरी जानकारी। जानें कैसे इस समझौते से लाल सागर में अमेरिकी जहाजों को सुरक्षा मिली है और सऊदी अरब के सामने नई सामरिक चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस कानून का आधिकारिक नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट आफ 2026 रखा गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। मशहद से केरमानशाह के लिए उड़ान भरते ही सेफरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान का हवा में टायर फट गया। प्लेन के अंदर सामान इधर-उधर बिखर गया और यात्री घबराकर चीखने व प्रार्थना करने लगे।
अमेरिका के लॉस एंजिल्स के बाहरी इलाके में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। शहर के फायर डिपार्टमेंट ने जानकारी दी कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजिल्स फायर डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह हेलीकॉप्टर चैट्सवर्थ इलाके में दो कमर्शियल बिल्डिंग्स के बीच गिरा।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के मक्का, जिद्दा और ताइफ समेत 6 बड़े इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों में 13 लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।