जल जीवन मिशन 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी। मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र के बीच एमओयू संपन्न। जानें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जल सुरक्षा और 2028 के लक्ष्य पर पूरी योजना।
By: Ajay Tiwari
Mar 17, 20267:21 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी मिलने के पहले ही दिन मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है। इस योजना के तहत प्रदेश को लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त होगी।

जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य दिसंबर 2028 तक देश के हर ग्रामीण परिवार को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। इस पुनर्गठित मिशन के लिए कुल बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। मध्यप्रदेश में इस योजना को पाइपलाइन बिछाने से लेकर जल संचयन और पंचायत की भागीदारी तक पूरी अधोसंरचना के साथ लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा...
"यह मिशन केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक महा-योजना है। मध्यप्रदेश समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
बड़ी वित्तीय सहायता: मध्यप्रदेश को पेयजल परियोजनाओं के लिए लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद मिलेगी।
जल अर्पण उत्सव: प्रदेश में पूर्ण हो चुकी योजनाओं को 'जल अर्पण' उत्सव के माध्यम से ग्रामीणों को सौंपा जा रहा है। देश का पहला ऐसा उत्सव राजगढ़ के कुंडीबेय गांव में आयोजित किया गया था।
नई प्रबंधन नीति: राज्य मंत्रि-परिषद ने 'मध्यप्रदेश पंचायत ग्रामीण नल जल योजना प्रबंधन नीति 2026' को मंजूरी दी है, जिससे ग्राम पंचायतें रखरखाव में आत्मनिर्भर बनेंगी।
जल महोत्सव: प्रदेश में 8 मार्च से 22 मार्च तक जल संरक्षण और जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
एमओयू के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और मध्यप्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।