राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास। इंदौर, जबलपुर और भोपाल ने देश के शीर्ष शहरों में बनाई जगह। जानिए पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

भोपाल। नईदिल्ली। स्टार समाचार वेब
पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपना स्वर्णिम परचम लहराया है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' समारोह के दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम घोषित किए गए। इस प्रतिष्ठित सर्वेक्षण में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख महानगरों ने अपनी जगह बनाकर पूरे देश में राज्य का गौरव बढ़ाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किए गए इन पुरस्कारों ने यह सिद्ध कर दिया है कि सतत विकास और सुनियोजित नीतियों के मामले में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। 10 लाख से अधिक आबादी वाले महानगरों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के शहरों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। इस वर्ग में स्वच्छता के लिए देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, संस्कारधानी जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, इसी वर्ग में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान हासिल किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
इंदौर नगर निगम ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्रों के विस्तार और जनभागीदारी के दम पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान अर्जित किया है। समारोह में इंदौर की ओर से महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल और एमआईसी सदस्य श्री अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की तरफ से महापौर श्री जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त श्री राम प्रसाद अहिरवार और अन्य अधिकारियों ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। इन दोनों शहरों की सफलता अन्य महानगरों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बन गई है।
महानगरों के साथ-साथ वार्ड स्तर पर भी मध्यप्रदेश के नवाचारों को बड़ी सफलता मिली है। भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को स्थानीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और पर्यावरण अनुकूल पहलों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वार्ड स्तर पर सघन पौधारोपण, हरित पहलों और नागरिकों के बीच जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के चलते यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है, जिसे अपर आयुक्त श्री अमन मिश्रा और एमआईसी सदस्य श्री आर. के. सिंह बघेल ने स्वीकार किया।

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