संसद का मानसून सत्र 2026 भारी हंगामे और गतिरोध के बीच समाप्त हो गया है। कार्यवाही बाधित होने से 7 हजार मिनट बर्बाद हुए और 175 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है, लेकिन यह सत्र अपने विधायी कामकाज से ज्यादा राजनीतिक हंगामे और गतिरोध के कारण चर्चा में रहा। दोनों सदनों में लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के चलते देश के बहुमूल्य समय और करदाताओं (Taxpayers) के करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। सत्र के दौरान कुल 7,000 से अधिक मिनट (लगभग 7,023 मिनट) का समय सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ गया।
संसदीय कामकाज में बार-बार की रुकावटों के कारण वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर भारी क्षति उठानी पड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही बाधित होने से लगभग 175 करोड़ रुपये पानी की तरह बह गए। इस भारी-भरकम बर्बादी ने एक बार फिर संसद में सुचारू चर्चा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह समय सकारात्मक बहसों में इस्तेमाल होता, तो जनता के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर मुहर लग सकती थी।
सत्र के दौरान विपक्ष के तीखे तेवर और सरकार के साथ चल रहे टकराव के कारण सदन की उत्पादकता (Productivity) में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर न तो ढंग से चर्चा हो सकी और न ही प्रश्नकाल सुचारू रूप से चल पाया। उच्च सदन (राज्यसभा) और लोकसभा दोनों में ही विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। भारी विरोध के बीच ही कई विधेयकों को बिना व्यापक चर्चा के ही पारित कराना पड़ा, जिससे संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को आघात पहुंचा है।
सत्र के समापन के दौरान भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग जारी रही। सरकार की ओर से लगातार यह कहा गया कि विपक्ष बिना किसी ठोस वजह के सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है और बाहर आकर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार पर उनकी मांगों और जरूरी सवालों से बचने का आरोप लगाया। बहरहाल, हंगामे के इस माहौल के बीच लोकतंत्र के मंदिर का इतना बड़ा बजट और समय व्यर्थ होना देश के लिए एक चिंता का विषय बन गया है।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। उन्होंने पुनर्नियुक्ति से इनकार किया, जिसके बाद टाटा ट्रस्ट्स ने उत्तराधिकारी के लिए चयन समिति की प्रक्रिया शुरू की है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब के पास SAD चीफ सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला हुआ है। सीएम फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं।
संसद का मानसून सत्र 2026 भारी हंगामे और गतिरोध के बीच समाप्त हो गया है। कार्यवाही बाधित होने से 7 हजार मिनट बर्बाद हुए और 175 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।
संसद का मानसून सत्र आज बिना किसी ठोस निर्णय के हंगामे की भेंट चढ़ गया। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट ही चल सकी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के तुरंत बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक ताजा और चौंकाने वाली रिपोर्ट में भारत की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए आत्मघाती वाहन विस्फोट के पीछे आतंकी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट का हाथ था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स के अधिकारियों व जवानों के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के पुलिस-2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवधि कार्मिकों के संबंधित एजेंसी में शामिल होने के पहले दिन से ही लागू मानी जाएगी।
कभी-कभी सरकारी लापरवाही उन परिवारों को भी नहीं बख्शती जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी हो। इसका एक उदाहरण शौर्य चक्र से सम्मानित मोहन सिंह की विधवा का दशकों लंबा संघर्ष है, जिन्हें अपनी हक की स्पेशल फैमिली पेंशन पाने के लिए 26 साल तक इंतजार करना पड़ा और वह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया।
महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाओं के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य कर दी है। महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन के बाद यह नया नियम लागू किया गया है। जानें पूरी खबर और नियम न मानने पर मिलने वाली सजा।
संसद के दोनों सदनों में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच समिति की रिपोर्ट पेश कर दी गई है। रिपोर्ट में उन पर लगे सभी तीनों आरोप साबित पाए गए हैं।

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