सतना-चित्रकूट मार्ग पर दुर्लभ पीले पलाश पेड़ को बचाने के लिए वन विभाग और संस्थाएं सक्रिय हुईं, स्थानांतरण और ग्राफ्टिंग तकनीक से संरक्षण की योजना बनाई जा रही है

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
विकास की राह में आए एक पेड़ को बचाने कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए न केवल उस पेड़ का स्थान बदला जाएगा बल्कि वैज्ञानिक तकनीक और तरीके से नए पौधे तैयार किए जाएंगे ताकि यह आने वाली पीढ़ी के लिए कभी दुर्लभ न रहे। बात मझगवां से लगे चितहरा मोड़ के पास स्थित पीले रंग के फूल वाले पलाश की है जिसे स्थानीय भाषा में छूला भी कहा जाता है। इस दुर्लभ फूल वाले पलाश को बचाने की कवायद में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट, कृषि विज्ञान केन्द्र मझगवां और वनमंडल शामिल है।
कहां पर है यह पलाश
सतना-चित्रकूट सड़क मार्ग में आने वाले चितहरा मोड के पास मंदिर हैं। इसी आध्यात्मिक परिसर में मात्र एक पेड़ पलाश का है जिसमें पीले रंग का पुष्प फूलता है। अमूमन जंगल के पलाश में लाल रंग के पुष्प आते हैं पर इसके पीले पुष्प देखकर लोग अचरज तक में पड़ जाते हैं।
क्या है आध्यात्मिक महत्व
पीले पलाश को लेकर तरह तरह की बातें है लेकिन इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। पंडित छत्रपाल द्विवेदी बताते हैं कि पीला पलाश अपने आप में देवी का रुप है। यह मां दुर्गा और मां लक्ष्मी को प्रिय है। वैसे भी सात्विकता, शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है।
ताकि बची रहे विरासत
पीले रंग के फूल वाले इस पलाश को बचाने की कवायद इसलिए भी शुरू की गई क्योंकि यह न केवल आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है बल्कि किसी विरासत से कम नहीं है। यही कारण है कि सतना-चित्रकूट फोरलेन (अभी टू लेन है) की जद में आए इस पेड़ को बचाने के लिए पहला विचार इसके स्थान परिवर्तन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए स्थान चयन करने पर मंथन किया जा रहा है।
जो आप पूछ रहे हैं वह सही है पर अभी सब प्राथमिक स्थिति में है। कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
मयंक चांदीवाल, वनमंडलाधिकारी, सतना
किसी पौधों को ग्राफ्टिंग कर उसकी ट्रू ब्रीड तैयार की जा सकती है। पहली बार में भी इसके लक्षण दिखते हैं। लेकिन कुछ जनरेशन में यह अपने रंग में आ जाएगा। समय लगता लेकिन ट्रू ब्रीड हासिल कर सकते हैं।
डॉ. अर्चना शुक्ला, वनस्पति विशेषज्ञ


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल के करीब 50 इलाकों में शनिवार को 3.30 से 6 घंटे तक बिजली गुल रहेगी। मेंटेनेंस कार्य के कारण ऐशबाग, बरखेड़ी, रेतघाट और बंगाली कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होगी। देखें पूरा शेड्यूल।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल में सैकड़ों अग्निशामक यंत्रों की मियाद खत्म होने के बावजूद नए स्टीकर लगाए जाने के आरोप लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बेटियों की पूजा और नारियों के सम्मान से देश प्रगति करता है। महिला आरक्षण और सशक्तीकरण को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।
सीधी के अभय गुप्ता ने आर्थिक तंगी और जर्जर खपरैल मकान में रहकर कक्षा 10वीं में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया। दिहाड़ी मजदूर पिता के बेटे की सफलता प्रेरणा बनी।
पन्ना जिले में जेके सीमेंट पर सरकारी और निजी जमीन पर अवैध उत्खनन के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने कार्रवाई मांगी, लेकिन शिकायतकर्ता को नोटिस मिलने से प्रशासन पर सवाल उठे हैं।
मैहर पुलिस ने लग्जरी कार से 450 पाव अंग्रेजी शराब जब्त कर दो तस्करों को पकड़ा। दूसरी कार्रवाई में बाइक से 300 पाव शराब मिली, नदी से 825 किलो महुआ लाहन नष्ट किया।
सतना नगर निगम क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए 155 आवेदन पहुंचे। कर्मचारियों ने बीमारी, पारिवारिक जिम्मेदारी, कैंसर, एलर्जी और अन्य निजी कारण बताकर राहत मांगी है।
सतना जिले में ई-विकास सिस्टम के बावजूद 24.66 टन खाद ऑफलाइन बेची गई। कृषि विभाग ने सहकारी समितियों को नोटिस जारी किया और निजी विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सतना नगर निगम ने संबल योजना में अपात्र होकर लाभ लेने वाले तीन हितग्राहियों पर एफआईआर की तैयारी की है। मृतकों के बाद पंजीयन और उम्र छुपाकर सहायता राशि लेने का मामला सामने आया।
सतना जिला अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के लिए हब सेंटर संचालित है। सात जिलों के 72 मरीजों को मुफ्त इंजेक्शन, डे केयर सेंटर और विशेषज्ञ निगरानी की सुविधा मिल रही है।