रीवा में अवैध घोषित कॉलोनी में नदी किनारे ग्रीन बेल्ट पर पार्टी लॉन निर्माण, प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण जारी, बीहर नदी किनारे निर्माण से पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
नदी के किनारे अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पाई है। करहिया ग्राम पंचायत में जिस शाही रिवर व्यू को अवैध घोषित किया गया था। उसी कालोनी में नदी के किनारे ग्रीन बेल्ट में पार्टी लॉन तैयार कर दिया गया है। अब पार्टियां नदी के किनारे बनाए गए इसी लॉन में हो रही हैं। कलेक्टर की सख्ती के बाद भी कालोनाइजरों के अवैध काम पर रोक नहीं लग पा रही है।
बीहर नदी को कालोनाइजर प्रभावित कर रहे हैं। नदी का किनारा पाट कर कालोनियां बना रहे हैं। कांक्रीट की दीवार खड़ी कर रहे हैं। नदी के किनारे ग्रीन बेल्ट में कालोनी बसाने के मामले में ही रीवा की तत्कालीन कलेक्टर ने दो कालोनियों पर कार्रवाई की थी। शांति विला और शाही रिवर व्यू के संचालक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए थे। दोनों ही कालोनी को अवैध घोषित कर दिया था। इन पर कब्जा लेने के आदेश भी दिए थे। हालांकि इस सख्ती के बाद भी अवैध निर्माण का सिलसिला रुका नहीं है। जितनी तेजी से प्रशासन सख्ती बरत रही। उसी तेजी से कालोनाइजर ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण बढ़ा रहे हैं। ग्राम पंचायत करहिया में ही नदी के ठीक किनारे और बीहर पुल के पास ही एक शाही रिवर व्यू कालोनी बसाई गई है। इस कालोनी में ही नाला पर दीवार खड़ी कर पास ही राजघराना होटल बनाया गया है।
इस होटल की नाला पर खड़ी दीवार पहले से ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसे सुधारने के बाद अब अतिक्रमण का दायरा नदी की तरफ बढ़ा दिया गया है। जिला प्रशासन की रोक के बाद भी हाल ही में नदी की तरफ कमरों का निर्माण कार्य कराया गया। बात यहीं तक सीमित नहीं रही। दिन रात बराबर नदी के किनारे का हिस्सा मलवा से पाटा गया। पाटने के बाद अब मौके पर पार्टी लॉन तैयार कर दिया गया है। नदी के ग्रीन बेल्ट को पार्टी के लिए तैयार किया गया है। इसे बकायदा सजाया गया है। लोहे की ग्रिल से चारों तरफ घेरा गया है। यह निर्माण जिला प्रशासन की कार्रवाई और अधिकारियों को मुंह चिढ़ाने के लिए काफी है।
लोगों की जान को खतरे में डाल रहे
बारिश में यह नदी पूरी तरह उफान पर रहती है। बारिश का पानी ऊपर तक चढ़ जाता है। शाही रिवर व्यू का इंट्रेस तक इस बारिश और बाढ़ से भर जाता है। ऐसे में जहां पर लान बनाया गया है, वह नदी का ग्रीन बेल्ट है। यहां पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता लेकिन राजघराना होटल के संचालक ने नियम विरुद्ध कार्य कराया। यहां पार्टी और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इससे लोगों की जान को भी जोखिम में डालने का काम किया जा रहा है।
वार्ड नंबर 6 में खड़ी कर दी दीवार
करहिया ग्राम पंचायत में नदी के एक तरफ तो दो कालोनियों में नियमों को तोड़ कर कालोनियां बसाईं ही थी। अब इनमें से एक ने नगर निगम क्षेत्र में भी यही काम करना शुरू कर दिया है। उपेन्द्र सिंह के खिलाफ एक शिकायत नगर निगम महापौर के पास पहुंची है। उन्होंने वार्ड क्रमांक 6 में एक रिसोर्ट बनाया है। यह भी नदी के किनारे बना है। नदी के किनारे ग्रीन बेल्ट में कांक्रीट की दीवार शांति विला की तरह ही खड़ी की गई है। इस पर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।


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