रीवा के त्योंथर स्थित टमस नदी में बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजामों के ओवरलोड नावें चल रही हैं। बरगी हादसे के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग रोज जान जोखिम में डालकर सफर करने मजबूर हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
जबलपुर के बरगी डैम की वो चीखें अभी हवा में घुली ही थीं। अपनों को खोने वालों के आंसू अभी सूखे भी नहीं थे कि तराई क्षेत्र के टमस नदी से आई तस्वीरों ने कलेजा कंपा दिया है। ऐसा लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्योंकि त्योंथर की टमस नदी में आज भी जिंदगी और मौत के बीच का फांसला महज एक पतली सी लकड़ी की नाव है जिसमें न सुरक्षा कवच है और न ही कानून का खौफ। त्योंथर तहसील के चिल्ला घाट की तस्वीर रूह सुखा देने वाली है। यहां नियमों को ताक पर रखकर नाव का संचालन किया जा रहा है। विडम्बना की बात यह है कि नावों पर क्षमता से अधिक लोग सवार हैं लेकिन किसी के पास अदद लाइफ जैकेट तक नहीं है। कॉलेज जाने वाले युवा और अपने गंतत्य तक पहुंचने वाली महिलाएं हर रोज मौत को छूकर निकलती हैं। बरगी हादसे के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी होना चाहिए था लेकिन यहां के घाटों पर सन्नाटा है। न कोई जांच करने वाला है न ही कोई रोकने वाला।
जब सबक सियासत और लापरवाही की भेंट चढ़ जाए
बरगी डैम हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस हादसे की टीस आज भी उन परिवारों के सीने में है जिन्होंने अपनों को खोया लेकिन रीवा के त्योंथर में सिस्टम गहरी नींद सो रहा है। सवाल यह नहीं कि लोग नावों पर क्यों चढ़ रहे हैं। सवाल यह है कि प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित विकल्प या कम से कम सुरक्षा उपकरण मुहैया क्यों नहीं कराया। क्या गरीब की जान की कीमत इतनी सस्ती है कि उसे कागजी नियमों के भरोसे मझधार में छोड़ दिया जाए।
कभी भी हो सकता है हादसा
टमस नदी का बहाव और बिना सुरक्षा उपकरणों के चलती ये नावें एक बड़ी अनहोनी का खुला निमंत्रण हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे मजबूर हैं क्योंकि नदी पार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। लेकिन प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। यहां खास बात यह है कि टमस नदी में जो नावें चल रही हैं वो जर्जर हालत में हैं बावजूद ओवरलोडिंग की जा रही है। घाट पर किसी भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं है और न ही नाव संचालकों के पास वैध लाइसेंस एवं सुरक्षा किट है। अगर वक्त रहते प्रशासन नहीं जागा तो टमस की लहरें किसी भी दिन मातम में बदल सकती हैं।


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