विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद धीमी है, हजारों नए और पुराने हितग्राही अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं, कई जिलों में प्रगति 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है।
सिंगरौली नगर निगम में करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है, लेकिन बड़े बकायादारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई जा रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सतना-मैहर में 388 मरम्मत योग्य हैंडपंप अब तक बंद हैं, जिससे जल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। तहसील और कलेक्ट्रेट में सुबह 10:45 बजे तक कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फरियादी इंतजार करते रहे जबकि कई कमरों में ताले लटके रहे।
रीवा के स्कूल शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटालों के बावजूद न कार्रवाई, न वसूली। अनुदान, गुरुजी, रंगाई-पुताई और फर्जी नियुक्ति मामलों की फाइलें अफसरों की मेहरबानी से वर्षों से दबी पड़ी हैं।
मैहर कलेक्ट्रेट की समय-सीमा बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर रानी बाटड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयुष्मान के जिला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सतना में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के कमजोर निराकरण पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सख्त हुए। तीन तहसीलदारों समेत 20 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर समय-सीमा में सुधार के निर्देश दिए गए।
कोठी के शारदापुरी कॉलोनी में करोड़ों की लागत से बनी कृषि उपज मंडी वर्षों से बंद पड़ी है। रखरखाव के अभाव, अधिकारियों की निष्क्रियता और खरीदी संचालन न होने से मंडी श्मशान जैसी वीरान हो चुकी है। किसान अपनी फसल दूर बेचने को मजबूर हैं और सही दाम से भी वंचित हो रहे हैं।
सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे मशीन दो साल से निष्क्रिय है। ट्रांसफार्मर न लगने से मरीजों को एक्सरे के लिए सतना शहर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की पेशकश की, बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही के कारण काम अब तक अधर में है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल जारी है, जबकि मरीज लगातार परेशान हैं।
चित्रकूट की पवित्र तपोस्थली गुप्त गोदावरी इन दिनों तनाव और हिंसा के साये में है। बीते 72 घंटों में यहां तीन बड़ी मारपीट की घटनाएं हुईं, जिनमें पुजारी और स्थानीय लोग घायल हुए, मगर पुलिस कार्रवाई अब तक शून्य है। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद होने के बावजूद प्रशासन और नगर परिषद के जिम्मेदार मौन हैं। श्रद्धालु और पुजारी अब सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि धार्मिक स्थल की गरिमा दांव पर है।






















