सतना में 31.15 करोड़ रुपए से बना आईएसबीटी उद्घाटन के चार माह बाद ही वीरान हो गया। बस संचालन बंद होने से शहर में जाम की समस्या फिर बढ़ गई है। निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा के त्योंथर स्थित टमस नदी में बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजामों के ओवरलोड नावें चल रही हैं। बरगी हादसे के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग रोज जान जोखिम में डालकर सफर करने मजबूर हैं।
सतना में अचानक बारिश से 3 लाख एमटी से अधिक गेहूं खुले में भीग गया। प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई, वहीं आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था भी ठप पड़ी और आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा।
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद धीमी है, हजारों नए और पुराने हितग्राही अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं, कई जिलों में प्रगति 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है।
सिंगरौली नगर निगम में करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है, लेकिन बड़े बकायादारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई जा रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सतना-मैहर में 388 मरम्मत योग्य हैंडपंप अब तक बंद हैं, जिससे जल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। तहसील और कलेक्ट्रेट में सुबह 10:45 बजे तक कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फरियादी इंतजार करते रहे जबकि कई कमरों में ताले लटके रहे।
रीवा के स्कूल शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटालों के बावजूद न कार्रवाई, न वसूली। अनुदान, गुरुजी, रंगाई-पुताई और फर्जी नियुक्ति मामलों की फाइलें अफसरों की मेहरबानी से वर्षों से दबी पड़ी हैं।
मैहर कलेक्ट्रेट की समय-सीमा बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर रानी बाटड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयुष्मान के जिला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सतना में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के कमजोर निराकरण पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सख्त हुए। तीन तहसीलदारों समेत 20 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर समय-सीमा में सुधार के निर्देश दिए गए।






















