सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी, केवल 5 यूनिट शेष। कई जरूरी ब्लड ग्रुप खत्म होने से आपात स्थिति का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य अधिकारी ने रक्तदान कर लोगों से अपील की।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की दीवार पर टंगा एक साधारण सा बोर्ड इन दिनों बड़ी कहानी कह रहा है। बोर्ड पर रोज अपडेट होने वाला यह आंकड़ा इस बार चिंता बढ़ाने वाला है। खून की उपलब्धता का हिसाब बताने वाला यह बोर्ड साफ संकेत दे रहा है कि हालात सामान्य नहीं हैं। शनिवार की सुबह जब ब्लड बैंक की स्थिति अपडेट की गई, तो कई जरूरी ब्लड ग्रुप लगभग खाली नजर आए। ब्लड बैंक में वर्तमान में केवल 5 यूनिट ब्लड ही शेष था, जबकि 7 यूनिट ब्लड टेस्टिंग में लगाया गया था। पॉजिटिव ग्रुप में ए, बी और ओ पॉजिटिव पूरी तरह खत्म हो चुके हैं, वहीं नेगेटिव ग्रुप में ए नेगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म है शेष बचे ब्लड ग्रुपों में एबी पॉजिटिव का महज 1 यूनिट, बी और ओ नेगेटिव के पास केवल 1-1 यूनिट एवं एबी नेगेटिव के 2 यूनिट ही उपलब्ध हैं। इन आंकड़ों को देखें तो किसी भी बड़े हादसे या इमरजेंसी के लिए बेहद कम ब्लड बचा हुआ है। प्रबंधन भी यह मान रहा है कि यदि जल्द ही रक्तदान नहीं बढ़ा, तो मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
आगे आईं जिला स्वास्थ्य अधिकारी, किया रक्तदान
जिला चिकित्सालय सतना स्थित ब्लड बैंक में रक्त की कमी को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नलिनी शुक्ला ने स्वयं आगे बढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान किया। उनके इस कदम से न केवल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा, बल्कि आम लोगों को भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने का संदेश मिला। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला , ब्लड बैंक स्टाफ से आशीष तिवारी, पिंटू आदि मौजूद रहे। रक्तदान उपरांत डॉ. शुक्ला ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ब्लड बैंक में रक्त की कमी की स्थिति बनती रहती है, ऐसे में समाज के हर सक्षम व्यक्ति को आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए।


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