सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी, केवल 5 यूनिट शेष। कई जरूरी ब्लड ग्रुप खत्म होने से आपात स्थिति का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य अधिकारी ने रक्तदान कर लोगों से अपील की।
सतना जिला अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग और वाहनों की भीड़ से जाम लग गया। करीब पौन घंटे तक मरीज और उनके परिजन अंदर-बाहर नहीं जा सके, जिससे अस्पताल की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
सतना जिला अस्पताल में जननी एक्सप्रेस चालकों पर प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगने का आरोप लगा है। शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सतना जिला अस्पताल में रात होते ही एम्बुलेंस दलाल सक्रिय हो जाते हैं। मरीजों को डराकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का खेल चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
कोठी तहसील के पैकौरा गांव में आवारा कुत्ते ने 5 वर्षीय बच्ची पर हमला किया, हालत गंभीर।
पश्चिमी विक्षोभ से बदले मौसम का असर स्वास्थ्य पर दिखा। सतना जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी, वायरल और श्वसन रोग प्रमुख रहे।
सतना जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। फायर एनओसी के बिना अस्पताल संचालित हो रहा है। एक्सपायरी रहित सिलेंडर, अधूरा फायर सेफ्टी कार्य और ठेकेदार की लापरवाही मरीजों की जान पर खतरा बन रही है।
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। मानवाधिकार आयोग की टीम ने सतना और रीवा में दस्तावेज खंगालने के साथ कलेक्टर-एसपी से चर्चा कर निलंबित अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
नए साल 2026 के पहले दिन सतना जिला अस्पताल में खुशियों की बहार रही। 24 घंटे में 29 नवजातों का जन्म हुआ, जिनमें 18 बेटियां शामिल हैं। सभी माताएं और शिशु स्वस्थ हैं।
सतना जिला अस्पताल की सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट में चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो वायरल हुआ है, जिससे नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं संक्रमित खून के मामले में ब्लड बैंक की जांच, अधिकारियों का निलंबन और नाको टीम की एंट्री से स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है।






















