सतना जिला अस्पताल में एनस्थीसिया विशेषज्ञों की भारी कमी से नियमित ऑपरेशन प्रभावित होने लगे हैं। आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ा है, जबकि मेडिकल कॉलेज ने आउटसोर्स विशेषज्ञों की सेवाएं दोबारा शुरू करने की मांग की है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल में एक बार फिर ओटी पर संकट खड़ा होने वाला है। शासकीय मेडिकल कॉलेज के नि:श्चेतना (एनस्थीसिया) विभाग में लगातार विशेषज्ञ डाक्टर एवं सीनियर रेजीडेंट के रिजाइन के बाद स्थितियां गंभीर हो गई हैं। स्थिति यह है कि पांच माह पहले जहां मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में एनस्थीसिया विभाग में 7 सीनियर रेजीडेंट डाक्टर सेवाएं दे रहे थे, वहां अब लगातार इस्तीफों की झड़ी के बाद केवल एक सीनियर रेजीडेंट डाक्टर बचा है। इनके चलते नियमित आॅपरेशन यानी रूटीन ओटी बढ़ाना मुश्किल हो गया है। फिलहाल आपातकालीन एवं मातृत्व सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नि:श्चेतना विभाग द्वारा सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह को एनस्थीसिया विभाग में डाक्टर बढ़ाने पत्राचार किया गया है।
आउटसोर्स डॉक्टर के लिए लिखा गया पत्र
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नि:श्चेतना विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर पहले की तरह आउटसोर्स (फ्रीलांसर) एनस्थीसिया विशेषज्ञों के सेवाएं दोबारा लेने का आग्रह किया है। बताया गया कि सीमित मानव संसाधन के कारण 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, प्री एनस्थेटिक जांच (पीएसी), नियमित आपरेशन, मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रशिक्षण और विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
हर माह बड़ी संख्या में ऑपरेशन, लेकिन मानव संसाधन उपलब्ध नहीं
एनस्थीसिया विभाग की मानें तो वर्तमान में उपलब्ध स्टाफ के साथ नियमित रूप से एक से अधिक आॅपरेशन थिऐटर का संचालन करना कठिन हो गया है। जिला अस्पताल में प्रतिमाह साढे 4 सौ से 5 सौ के बीच प्रसूताओं की डिलेवरी सर्जरी से की जाती है। जबकि नियमानुसार 10 से अधिक डिलेवरी सर्जरी करने पर आउटसोर्स नि:श्चेतना विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का प्रावधान है। वर्तमान में अस्पताल में एनस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण सिजेरियन ऑपरेशनों में कमियां आएंगी। ऐसे में एनएचएम के प्रावधानों के तहत आउटसोर्स विशेषज्ञों की सेवाएं लेना अनिवार्य है।
बिजली-पानी की समस्या, बंद कर दिया अस्पताल जाना
सूत्रों के अनुसार मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ महीनों से बिजली, पानी और लिफ्ट जैसी बुनियादी समस्याओं के कारण चिकित्सकों में असंतोष रहा है। जिसके चलते जिला अस्पताल के नि:श्चेतना विभाग में पदस्थ सीनियर रेजीडेंटों द्वारा एक-एक करके इस्तीफा दे दिया गया है। हाल ही में एक और रेजीडेंट के इस्तीफे के बाद सिर्फ एक ही एसआर नि:श्चेतना विभाग में बचा है।

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