विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर सतना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था सवालों में है। कई नमूना रिपोर्ट लंबित हैं, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों सहित ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
आज वर्ल्ड फूड सेफ्टी -डे यानि विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा। यह दिन उपभोक्ताओं को जागरुक करने का है कि हम क्या खा रहे हैं और वह खाद्य पदार्थ हमारे लिए सुरक्षित है या नहीं। खाद्य पदार्थों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा रोजाना खाद्य सेम्पलों को जब्त किया जा रहा है। इसकी जांच भोपाल स्थित प्रयोगशाला लैब में कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट फेल होने के बाद प्रतिष्ठान के ऊपर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत 2 लाख रुपए तक का जुर्माना और कारावास तक का प्रावधान भी किया जाता है। हालांकि प्रदेश स्तर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले की खाद्य सुरक्षा जांच की स्थिति मध्यम श्रेणी में है, नमूना संग्रहण की स्थिति कमजोर है। इस वर्ष नमूने लिए गए 77 मामले अभी लंबित हैं, इन मामलों की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
रिलायंस, विशाल और डोमिनोज पर चल रहा केस
जानकारी के अनुसार शहर स्थित मल्टीनेशनल कम्पनियां रिलायंस मार्ट, विशाल मेगामार्ट एवं डोमिनोज पीजा पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की गई थी जिसमें कई खाद्य पदार्थों की सेम्पलिंग फेल हुई थी। सेम्पलिंग फेल के चलते इन प्रतिष्ठानों पर जुर्माने के साथ प्रकरण दर्ज किया गया था। एडीएम कोर्ट में प्रकरण अभी भी विचाराधीन है। बताया गया कि विशाल मेगामार्ट में खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान स्वच्छता, रख-रखाव एवं रिकार्ड संधारण एवं अन्य मानकों में कमी पाई गई थी। विशाल मेगामार्ट में खाद्य लाइसेंस की स्थिति एवं आवश्यक अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए थे जबकि पैकेट बंद किसमिस और पीनट का सेम्पल जांच में फेल निकला था। वहीं पन्ना रोड स्थित रिलायंस रिटेल में खुली अरहर दाल, खुली मूंगफली का सेम्पल फेल हो गया था। रीवा रोड स्थित डोमीनोज पीजा पर उपभोक्ता द्वारा शिकायत की गई थी जिस पर न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किया गया था। शाकाहारी पीजा की जगह उपभोक्ता को मांसाहारी पीजा परोसने का मामला सामने आया था।
ग्रामीण अंचलों की खाद्य दुकानों के सेम्पल फेल
इस वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीण अंचलों की दुकानों में भी खाद्य विभाग की जांच की गई, जिनमें कई दुकानों के सेम्पल फेल निकले। मझगवां, जैतवारा, नागौद, मैहर की कई खाद्य दुकानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
कड़ी सजा का प्रावधान
मिलावटखोरी सिद्ध होने पर प्रतिष्ठान के संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत 2 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यदि उपभोक्ता को बीमार करने वाली मिलावट सिद्ध होती है तो आरोपी को अधिकतम 6 वर्ष की जेल और 5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ के कारण किसी की मृत्यु हो जाती है तो आजीवन कारावास एवं 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। किसी भी किस्म के मिलावटखोरी की आशंका पर सीएम हेल्पलाइन या फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप पर शिकायत करें।
उपभोक्ताओं को जागरुक रहना चाहिए, मिलावटखोरी या कालाबाजारी की शंका पर तत्काल शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उपभोक्ताओं को सभी खाद्य पदार्थो की खरीदी का बिल अवश्य लेना चाहिए। खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच कार्रवाईयां की जा रही हैं। रिपोर्ट आने पर प्रतिष्ठान या संचालक के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया जा रहा है।
शीतल सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतना


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