सतना जिले के परसमनिया पीएचसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिकॉर्ड में मेडिकल ऑफिसर की सिर्फ 70 दिन उपस्थिति, लेकिन 3 हजार ओपीडी और 4 हजार ब्लड टेस्ट दर्ज। मिशन डायरेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कागजों में बेहतर दिखने वाली व्यवस्था की हकीकत तब सामने आई जब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन डायरेक्टर सलोनी सिडाना ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले आंकड़ों पर सवाल उठाए। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विंध्य क्षेत्र के पांच जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान परसमनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल आॅफिसर डॉ. प्रवीण दाहिया के कामकाज में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। सार्थक ऐप के रिकॉर्ड के मुताबिक पूरे साल में उनकी सिर्फ 70 दिन की उपस्थिति दर्ज है। लेकिन दूसरी तरफ ओपीडी के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने करीब 3 हजार मरीजों का इलाज किया। इतना ही नहीं, ओपीडी में आए मरीजों से भी ज्यादा यानी 4 हजार मरीजों के ब्लड टेस्ट कराए जाने का रिकॉर्ड दर्ज है। यही वह बिंदु था जिसने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया।
सतना जिला कई क्षेत्र में अव्वल
समीक्षा में कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए। इंट्रापार्टम केयर यानी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे के बीच गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सेवाओं के मामले में सतना-मैहर प्रदेश के टॉप 5 जिलों में शामिल हैं। वहीं 14-15 वर्ष की किशोरियों के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान में सतना प्रदेश के टॉप 11 जिलों में जगह बना चुका है।
सार्थक ऐप पर नहीं लग रही हाजिरी
समीक्षा बैठक में एक और चिंताजनक तथ्य सामने आया। सतना और मैहर जिले में करीब 200 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सार्थक ऐप पर अपनी आॅनलाइन उपस्थिति दर्ज ही नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। मिशन डायरेक्टर ने इस मामले में सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
इंसेंटिव राशि के जरिए वित्तीय लाभ लेने का खेल
दरअसल, हब एंड स्पोक योजना के तहत यदि ओपीडी में एक निश्चित संख्या से ज्यादा मरीजों का परीक्षण और ब्लड टेस्ट कराया जाता है तो मेडिकल आॅफिसर को इंसेंटिव राशि मिलती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं कागजों और ऐप के आंकड़ों के जरिए वित्तीय लाभ लेने का खेल तो नहीं खेला गया। मिशन डायरेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीधे सवाल किया कि जब साल भर में उपस्थिति इतनी कम है तो इतने मरीजों की जांच आखिर किस आधार पर दर्ज की गई।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।