सतना के नागौद ब्लॉक में मीजल्स से दो वर्षीय बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जांच में संक्रमण बड़ी बहन से फैलने की पुष्टि हुई। गांवों में सर्वे और अतिरिक्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया।
सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। प्रशासन ने 196 संदिग्ध डोनरों की सूची तैयार कर दोबारा एचआईवी जांच शुरू कराई, जबकि कई डोनरों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
सतना में एनएचएम के 347 संविदा कर्मियों का करीब 6 करोड़ रुपये पीएफ गायब होने का मामला सामने आया है। राज्यस्तरीय टीम ने जांच शुरू कर दी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज।
सतना में एचपीवी टीकाकरण अभियान में लापरवाही पर 50 स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी किया गया। लक्ष्य अधूरा रहने पर वेतन कटौती, निलंबन और अनुबंध समाप्ति की चेतावनी प्रशासन ने दी है।
सतना जिले के 267 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दो वर्षों से 4 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। नाराज सीएचओ ने जिला लेखा प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर चेतावनी दी कि मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्य बंद करेंगे।
सतना जिले के परसमनिया पीएचसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिकॉर्ड में मेडिकल ऑफिसर की सिर्फ 70 दिन उपस्थिति, लेकिन 3 हजार ओपीडी और 4 हजार ब्लड टेस्ट दर्ज। मिशन डायरेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।
सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे मशीन दो साल से निष्क्रिय है। ट्रांसफार्मर न लगने से मरीजों को एक्सरे के लिए सतना शहर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की पेशकश की, बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही के कारण काम अब तक अधर में है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल जारी है, जबकि मरीज लगातार परेशान हैं।
सतना जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर। गर्भवती महिलाओं को 50 रुपए के बजट की जगह सिर्फ 20 रुपए का आहार दिया गया। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल, एजेंसी पर कार्यवाही की तैयारी।
सतना जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में अब ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। सार्थक ऐप से उपस्थिति दर्ज होने पर ही सितंबर माह की सैलरी जारी होगी। जीपीएस लोकेशन, फेस रिकग्नाइजेशन और ड्यूटी रोस्टर के आधार पर जांच की जाएगी। आदेश का पालन न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
सतना जिले में बरसात के चलते संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उल्टी, दस्त, पीलिया, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमों का गठन किया है। सभी ग्रामों में डिसइंफेक्शन और जागरूकता अभियान जारी है।






















