सतना-मैहर के 72 शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को विमर्श पोर्टल पर नि:शुल्क पुस्तकों की एंट्री नहीं करने पर नोटिस जारी हुआ। तीन दिन में जवाब मांगा गया, अन्यथा वेतनवृद्धि रोकने सहित विभागीय कार्रवाई होगी।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
स्कूलों में किताबें पहुंचाने के बाद अब शिक्षा विभाग की प्राथमिकता उनका डिजिटल रिकॉर्ड है लेकिन सतना-मैहर जिले के शासकीय विद्यालयों ने इस मोर्चे पर ऐसी लापरवाही बरती कि पूरा जिला संचालनालय की नजर में पिछड़ गया। कक्षा 9वीं -12वीं तक की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण होने के बावजूद विद्यालयों ने विमर्श पोर्टल पर उसकी एंट्री नहीं की।
इसका परिणाम यह हुआ कि जिले का पुस्तक वितरण प्रतिशत शत-प्रतिशत नहीं दिख सका और विभागीय समीक्षा बैठकों में जिले की प्रगति पर सवाल उठे हैं। गौरतलब है कि स्टार समाचार ने अपने 12 जुलाई के अंक में किताबों के वितरण अव्यवस्था के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
72 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा ने शुक्रवार को 72 विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए इसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता और गंभीर लापरवाही माना है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पुस्तकों के वितरण की शत-प्रतिशत एंट्री विमर्श पोर्टल पर करना अनिवार्य था। इसके बाद भी लगातार दूरभाष पर याद दिलाने के बावजूद संबंधित विद्यालयों ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसमें प्राचार्य, शास. उ.मा.वि. सकरिया, रामपुर चौरासी, पहाड़ी मैहर, सांदीपनि मैहर, अमातारा, अजवाईन, भीषमपुर, ताला, खरमसेड़ा, कठहा, सन्नेही, कन्या मुकुन्दपुर, बालक मुकुन्दपुर, झिन्ना, महुड़र, करही अमरपाटन, पिण्डरा, कारिगोही, मेहुती, कौहारी, पाथर कछार, महतैन, बरौधा, नकैला, मॉडल मझगवां, अटरा, इचौल, बड़ाइटमा, हर्रई, गोरसरी, देवलहा हिनौती, हाई स्कूल विनैका, कल्याणपुर, भटिगवां, रिवारा, मौदहा, करइयाकला, तिलौरा, मझगवां मैहर, सलैया, मड़ई, धनवाही कला, भेड़ा, छोटी भरौली, हाई स्कूल अमरपाटन, पठरा, इटमा कोठार, नौगवां, मझगवां अमरपाटन, पपरा, धोबहट, ललितपुर कोतर, ओबरा, रैकवार, ऐरा, असरार, चंदकुवां, अमिलिया नागौद, बिलौधा, उमरिहा, बांधी, पटनाकला, गोपालपुर, अठबरही, सेजवार, बरुआ, बम्हौरी, अतवेदिया कला, लोहरौरा, देवरा मोलहाई, सेमरिया, सुलखमा, मड़वार, गोविन्दपुर, छिरहाई आदि के नाम शामिल हैं।
डीपीआई भी हो चुके नाराज
डीईओ शर्मा ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर एंट्री नहीं होने के कारण संचालनालय स्तर पर आयोजित बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर असंतोष व्यक्त किया गया। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और कदाचार की श्रेणी में मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-16 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन दिन में मांगा जवाब
सभी संबंधित प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दो दिन के भीतर विमर्श पोर्टल पर पुस्तकों के वितरण की एंट्री पूर्ण करें तथा तीन दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित प्राचार्यों के विरुद्ध एक वेतनवृद्धि रोकने सहित विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

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रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
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