ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सतना और मैहर में स्कूल बंद हैं, फिर भी नामांकन का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों ने उपलब्धि के साथ नामांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और वास्तविकता पर बहस छेड़ दी है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। स्कूल परिसरों में सन्नाटा है...कक्षाएं बंद हैं और विद्यार्थी गर्मी की छुट्टियां मना रहे हैं। इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर नामांकन के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। 5 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार सतना और मैहर दोनों जिलों में लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत से अधिक नामांकन दर्ज किया जा चुका है। ऐसे में शिक्षा विभाग की उपलब्धि के साथ-साथ यह सवाल भी चर्चा में है कि जब स्कूल बंद हैं तो नामांकन की संख्या किस प्रक्रिया के तहत लगातार बढ़ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल 3.0 के अनुसार सतना जिले में कक्षा 1 से 12 तक कुल 2 लाख 43 हजार 346 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया है। जिले के लिए कुल लक्ष्य 2 लाख 67 हजार 235 विद्यार्थियों का निर्धारित किया गया था। इस आधार पर सतना जिले ने अब तक 91.06 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। यानी लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी भी 23 हजार 889 विद्यार्थियों का नामांकन शेष है। इसी प्रकार मैहर जिले में कुल 1 लाख 18 हजार 428 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज हुआ है, जबकि लक्ष्य 1 लाख 23 हजार 736 विद्यार्थियों का रखा गया है। यहां कुल लक्ष्य का 95.71 प्रतिशत नामांकन पूरा हो चुका है और केवल 5 हजार 308 विद्यार्थियों का नामांकन शेष है। आंकड़े बताते हैं कि नामांकन अभियान में मैहर जिला सतना से करीब 4.65 प्रतिशत अंक आगे चल रहा है।
प्राथमिक कक्षाओं में अपेक्षाकृत कम, हाईस्कूल में बेहतर स्थिति
सतना जिले में कक्षा 1 से 8 तक कुल 1 लाख 74 हजार 434 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, जो निर्धारित लक्ष्य का 90.31 प्रतिशत है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक 68 हजार 912 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया है, जो लक्ष्य का 93.02 प्रतिशत है। मैहर जिले में भी यही स्थिति दिखाई देती है। यहां कक्षा 1 से 8 तक 86 हजार 363 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, जो लक्ष्य का 94.47 प्रतिशत है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक 32 हजार 065 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज हुआ है, जो लक्ष्य का 99.21 प्रतिशत है। आंकड़े बताते हैं कि दोनों जिलों में प्राथमिक स्तर की तुलना में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर नामांकन की प्रगति बेहतर रही है।
लक्ष्य पूरा करने की होड़ या वास्तविक प्रगति?
हर वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाते हैं और ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा होती है। ऐसे में कई बार लक्ष्य हासिल करने का दबाव भी रहता है। यही कारण है कि छुट्टियों के दौरान तेजी से बढ़ते आंकड़ों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह वास्तविक नए प्रवेश हैं? क्या यह पूर्व में प्राप्त आवेदनों की आॅनलाइन एंट्री है? या फिर स्कूल खुलने से पहले लक्ष्य पूरा करने की प्रशासनिक कवायद? इन सवालों का स्पष्ट जवाब फिलहाल सामने नहीं है।
मैहर जिले ने बनाई बढ़त
मैहर जिले के आंकड़े अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दशार्ते हैं। यहां रामनगर ब्लॉक ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 98.08 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। मैहर ब्लॉक 96.34 प्रतिशत और अमरपाटन 92.01 प्रतिशत पर है। सबसे दिलचस्प स्थिति कक्षा 9 से 12 के नामांकन में सामने आई है। रामनगर ब्लॉक में नामांकन प्रतिशत 103.28 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यानी निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया है। मैहर ब्लॉक में भी उच्च कक्षाओं का नामांकन लक्ष्य के आसपास या उससे अधिक दर्ज किया गया है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि या तो पिछले अनुमान से अधिक विद्यार्थी स्कूलों से जुड़े हैं अथवा लक्ष्य निर्धारण और वास्तविक संख्या के बीच अंतर रहा है।
स्कूल बंद हैं, फिर नामांकन कैसे बढ़ रहा?
यही वह सवाल है जो इन दिनों शिक्षा विभाग के आंकड़ों के साथ चर्चा में है। प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में 1 मई से अवकाश है। ऐसे में नए विद्यार्थियों के प्रवेश और दस्तावेज सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं सामान्य रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। इसके बावजूद पोर्टल पर लगातार बढ़ते नामांकन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नामांकन अभियान स्कूल खुलने तक सीमित नहीं रहता। शिक्षक और शिक्षा विभाग का मैदानी अमला अवकाश के दौरान भी ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, घर-घर संपर्क, पालकों से संवाद तथा पूर्व में प्राप्त प्रवेश आवेदनों की आॅनलाइन प्रविष्टि का कार्य करता है। इसी कारण पोर्टल पर संख्या बढ़ती रहती है। हालांकि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ते आंकड़ों का भौतिक सत्यापन भी आवश्यक है। उनका तर्क है कि नामांकन का उद्देश्य केवल पोर्टल पर संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि बच्चों को वास्तव में विद्यालय से जोड़ना है।
उचेहरा ने दिखाई रफ्तार, सोहावल फिसड्डी
सतना जिले के ब्लॉकवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो उचेहरा ब्लॉक सबसे आगे दिखाई देता है। यहां कुल लक्ष्य के मुकाबले 95.64 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया गया है। इसके बाद रामपुर बघेलान 92.25 प्रतिशत, मझगवां 91.68 प्रतिशत और नागौद 90.80 प्रतिशत पर है। वहीं सोहावल ब्लॉक 88.94 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले में सबसे पीछे है। इसका मतलब है कि जिले के अन्य ब्लॉकों की तुलना में यहां अभी भी बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन होना बाकी है। शिक्षा विभाग के लिए आने वाले दिनों में सबसे बड़ी चुनौती सोहावल और नागौद जैसे क्षेत्रों में छूटे हुए विद्यार्थियों तक पहुंच बनाना होगी।
नए सत्र में सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सतना और मैहर दोनों जिले लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुके हैं। लेकिन नामांकन अभियान की वास्तविक सफलता का आकलन तब होगा जब स्कूल खुलने के बाद इन विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज होगी। यदि नामांकित विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय पहुंचते हैं तो यह अभियान की बड़ी सफलता मानी जाएगी। वहीं यदि नामांकन और वास्तविक उपस्थिति के बीच बड़ा अंतर मिलता है तो विभाग को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।
स्टार सवाल
1 मई से स्कूलों में ताला लगा है, लेकिन नामांकन का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। सतना में 91.06 प्रतिशत और मैहर में 95.71 प्रतिशत लक्ष्य हासिल होना प्रशासनिक उपलब्धि जरूर है, लेकिन छुट्टियों के दौरान बढ़ते आंकड़े कई सवाल भी खड़े कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के लिए अब चुनौती केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पोर्टल पर दर्ज हर विद्यार्थी वास्तव में स्कूल की कक्षा तक पहुंचे। यही इस अभियान की असली सफलता होगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।