सतना के मुख्य बाजार में सीवर लाइन की अधूरी खुदाई से बारिश में कीचड़ फैल गया। 8 साल बाद भी काम अधूरा, व्यापारियों का 60–70% कारोबार प्रभावित।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
तस्वीर देखकर आप सोच रहे होंगे कि यह किसी खेत की है तो आप पूरी तरह से गलत है। यह तस्वीर गांव के किसी खेत की नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी सतना के मुख्य बाजार की है, जहां बुधवार को लगभग 20 मिनट में हुई 2.99 मिमी की बारिश में ही बाजार की सड़कें कीचड़ से सन गर्इं। लोगों के चलने लायक कहीं सड़क नहीं बची है। यह हाल सीवर लाइन की खुदाई की वजह है। गौरतलब है कि नगरीय क्षेत्र में जून 2017 से सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। इस काम को तीन साल में पूर्ण करना था लेकिन साढे 8 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, बावजूद इसके काम अब भी अधूरा है। सीवर लाइन के अधूरे काम की वजह से शहरवासी धूल, कीचड़ और जाम की समस्या से तो परेशान ही हैं, व्यापारियों का व्यापार भी पूरी तरह से चौपट है। पिछले लगभग 20 दिनों से शहर के हृदय स्थल बाजार क्षेत्र में सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की खुदाई की जा रही है जिसके चलते यहां के व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह से चौपट है। हालात तो यह हैं कि ‘बोहनी’ तक के लिए व्यापारी तरस रहे हैं।

60 से 70 फीसदी व्यापार चौपट
शहर में सीवर की खुदाई से परेशान व्यापारियों का कहना है कि सीवर लाइन के कार्य की वजह से उनका 60 से 70 फीसदी व्यापार प्रभावित हो रहा है। शहर में जाम व सड़कों की खुदाई के चलते ग्राहक बाजार आने से कतरा रहा है। जो पारिवारिक रूप से परिचित है वही ग्राहक इन दिनों दुकान आ रहा है या फिर मजबूरीवश ग्राहक बाजार का रुख कर रहे हैं अन्यथा वे दूसरे शहरों व स्थानों में जाने को मजबूर हैं।
धीमा व गुणवत्ताविहीन काम
पिछले लगभग 3 सप्ताह से बाजार में सीवर लाइन डालने के लिए खुदाई चल रही है। सीवर लाइन डालने का काम सुस्त तो है ही साथ ही उसकी गुणवत्ता पर भी स्थानीय व्यापारी सवाल उठा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सीवर लाइन जैसा कार्य वह भी मुख्य बाजार में गुणवत्ताविहीन हो रहा है। मौके पर कोई देखने और सुनने वाला नहीं है।
2017 में आई थी योजना
सतना शहर में साढ़े आठ पहले सीवर लाइन कार्य योजना सतना में आई थी, जिसकी स्वीकृति जून 2017 में पहली बार सतना में मिली थी, जिसकी लागत करीब 206 करोड़ रुपए थी। इस कार्य को पहले केकेस्पन कर रही थी, जिसे शहर के अंदर करीब 492 किलोमीटर में सीवर लाइन डालने का कार्य करना था, इस कार्य को पूरा करने के लिए 3 वर्ष की समय अवधि थी, लेकिन साढेÞ 8 साल पूरे हो जाने पर भी यह काम पूरा नहीं हो सका है, कार्य भी गुणवत्ता विहीन था। जिसको लेकर नगर निगम ने कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया, जिसके बाद इस कार्य के लिए फिर से 11 जुलाई 2022 में नई कंपनी को स्वीकृति दी गई। कार्य को दो जोन में करने के लिए बांटा गया, जिसमें एक जोन दूसरी कंपनी और दूसरा जोन दूसरी कंपनी को सौंपा गया। दोनों कंपनी को कार्य सौंपने के बाद कार्य को पूरा करने के लिए 3 वर्ष का समय दिया गया, लेकिन इनके द्वारा भी अभी तक कार्य पूरा नहीं किया गया।
सीवर लाइन की खुदाई के चलते व्यापार पूरी तरह से चौपट है, मौजूदा समय में शादी- ब्याह की खरीददारी के बावजूद ग्राहक बाजार का रुख नहीं कर रहा है। वह सिर्फ इसलिए कि बाजार खुदा पड़ा है। पिछले तीन दिनों से मेरी दुकान के सामने खुदाई हो रही है, जिसके चलते बोहनी तक नहीं हुई है। दुकान के सामने मिटटी का टीला लगा दिया गया है।
सचिन जैन, महामंत्री रेडीमेड व्यापारी संघ
सीवर लाइन डालने के लिए की जा रही खुदाई के चलते दुकाने सिर्फ खुल रही हैं ग्राहक नहीं आ रहे। दुकानों के सामने खुदाई के बाद मिटटी के बड़े-बड़े टीले लगा दिए गए हैं। सीवर लाइन डालने के अव्यवस्थित काम ने व्यापार पूरी तरह से चौपट कर दिया है। समझ नहीं आ रहा कब तक सीवर लाइन का काम खत्म होगा और व्यापार फिर उसी गति से चलेगा।
उर्वी जैन
पिछले 15 से 20 दिनों से बाजार में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है, जिससे व्यापार पूरी तरह से प्रभावित है। सड़कें खुदी होने की वजह से बाजार में आने से ग्राहक कतरा रहा है। जब से नगर निगम के चुनाव हुए हैं तब से शहर में खुदाई के अलावा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। कहीं सड़क बनाने के लिए खुदाई हो रही है तो कहीं सड़क बनने के बाद खोदी जा रही है।
मनीष गुप्ता


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