सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस निलंबन मामले में जस्टिस संदीप भट्ट ने सुनवाई से किया इनकार। अब एमपी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तय करेंगे नई बेंच।

जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की चर्चित कंपनी सोम डिस्टिलरीज (Som Distilleries) के लाइसेंस निलंबन मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक और न्यायाधीश, जस्टिस संदीप भट्ट, ने इस मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इससे पहले जस्टिस विशाल मिश्रा भी खुद को इस केस से अलग कर चुके हैं।
आबकारी वर्ष 2025-26 के लिए सरकार द्वारा सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस निलंबन (License Suspension) को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। कंपनी ने याचिका दायर कर इस कार्रवाई को गलत बताया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनी थीं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल और राहुल दिवाकर ने पक्ष रखा।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और आदित्य पाराशर ने दलीलें दीं।
6 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन बाद में जस्टिस मिश्रा ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया।
जस्टिस विशाल मिश्रा के हटने के बाद, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने प्रशासनिक आदेश जारी कर मामले को 25 फरवरी को जस्टिस संदीप भट्ट की बेंच में भेजा था। शुक्रवार को जब मामला जस्टिस भट्ट के सामने आया, तो उन्होंने भी सुनवाई से मना कर दिया।
अब नियमानुसार, यह फाइल दोबारा चीफ जस्टिस के पास जाएगी, जो प्रशासनिक स्तर पर यह तय करेंगे कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई अब किस नई बेंच में होगी।

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