सतना के मझगवां क्षेत्र की आदिवासी बस्तियों में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। दूषित पानी और सूखे हैंडपंपों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम के सामने नाराजगी जताई, जबकि अधिकारियों ने स्थायी समाधान और जल संरक्षण कार्यों का भरोसा दिया।
सतना के बांका गांव में आदिवासी महिलाओं ने 10 हजार सीड बॉल बनाकर औषधीय पौधों के संरक्षण की अनोखी पहल की। इन बीजों को वन क्षेत्रों में डालकर पर्यावरण और जैव विविधता को बढ़ावा दिया जाएगा।
सिंगरौली के कपुरदेई में हजारों आदिवासी दूषित नाले का पानी पीने को मजबूर हैं, हैंडपंप खराब और योजनाएं फेल। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, ग्रामीणों ने स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग उठाई है।
आदिवासी बाहुल्य सीधी जिले में संचालित 114 छात्रावासों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बिजली, पानी, भोजन और बिस्तर जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के बीच फर्जी छात्र संख्या दिखाकर राशि हड़पने और अधीक्षक–अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
उत्तराखंड के देहरादून में नस्लीय टिप्पणी करने पर एक आदिवासी छात्र को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। छात्र का शव त्रिपुरा पहुंचते ही पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। मृतक छात्र का नाम अंजेल चकमा है, जो त्रिपुरा का निवासी था। अंजेल देहरादून के जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था।
कटे हुए सिर घटना का बदला लेने के लिए मालकानगिरी जिले के कोरूकोंडा ब्लॉक के एमवी-26 गांव में तनाव बरकरार है। गांव में 50 से अधिक घरों में आग लगाकर लूटपाट की गई थी। हजारों आदिवासी एकजुट होकर पूरे गांव को आग के हवाले कर दिया। भारी पुलिस बल, डीवीएफ और बीएसएफ जवानों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा को रोका नहीं जा सका।
कटनी, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी, मंडला जिलों में आदिवासियों की जमीन खरीद के आरोपों पर बवाल। युवक कांग्रेस ने विधायक संजय पाठक के खिलाफ प्रदर्शन कर त्वरित कार्रवाई और जांच की मांग की। पढ़ें पूरा मामला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में 'जनजातीय गौरव' महाअभियान के तहत 1 लाख नए घरों का किया उद्घाटन। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी कल्याण भाजपा की प्राथमिकता है और NDA ने कई आदिवासी नेताओं को शीर्ष पद दिए हैं।
15 नवंबर को पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। मध्यप्रदेश, जहां देश की सबसे बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है, इस दिवस को और भी गौरवपूर्ण तरीके से मना रहा है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के शासन में अपनी ही सरकार को ललकारने की कांग्रेस की कुसंस्कृति का नया संस्करण भाजपा में भी अपनी जगह बना रहा है। हद तो यह है कि इस कुसंस्कृति का झंडा बुलंद कर रहे हैं भाजपा के सबसे अनुशासित कार्यकर्ता, लंबे समय तक सत्ता में रहे पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान।






















