सतना जिले में तेज हवा और बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। खड़ी और कटी फसल प्रभावित, किसानों की चिंता बढ़ी, मौसम में उतार-चढ़ाव जारी।
सतना और मैहर जिले के गांवों में बंदरों, जंगली सुअर और नीलगायों के आतंक से किसान परेशान हैं। वन विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है, पंचायतों के पास संसाधन नहीं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को हस्ताक्षर अभियान के जरिए गुहार लगाने की ठानी।
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। सतना और मैहर जिलों में लक्ष्य से अधिक खरीदी गई 2505 क्विंटल मूंग का 56 लाख रुपए भुगतान अटका हुआ है। प्रदेशभर में 1.38 लाख किसानों के 3398 करोड़ रु. रुके हैं। भुगतान न मिलने से किसान कर्ज में डूबकर खाद तक उधारी पर लेने को मजबूर हैं।
सीधी जिले में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या से किसान बुरी तरह परेशान हैं। खरीफ सीजन की फसलें सुरक्षित रखने के लिए किसान दिन-रात खेतों में जागकर रखवाली कर रहे हैं। खेतों में तार और बाड़ा लगाकर सुरक्षा की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे खेती की लागत और बढ़ रही है। सरकार से ठोस समाधान की उम्मीद अब भी अधूरी है।
















