सतना-रीवा संभाग में पराली जलाने के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि, मैहर में पहली बार 100 पार, एक्यूआई 75 पहुंचा, प्रशासनिक सख्ती बेअसर, किसानों की मजबूरी और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठे

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
संभाग में नरवाई (पराली) जलाने के मामलों ने इस साल चिंताजनक है। सतना और रीवा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई है जबकि नए जिले मैहर में पहली बार ही 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। लगातार बढ़ रही घटनाओं का असर अब हवा पर भी दिखने लगा है, जहां एक्यूआई 75 दर्ज किया गया है। रीवा संभाग में इस साल नरवाई (पराली) जलाने के मामलों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्रशासन की कागजी सख्ती के चलते खेतों में आग लगाने की घटनाएं थमने की बजाय और तेज हो गई हैं। हालात यह हैं कि कुछ जिलों में तो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं जबकि नए बने जिलों में पहली बार ही बड़ी संख्या सामने आई है। इसका असर अब हवा की गुणवत्ता पर भी दिखने लगा है, जहां एक्यूआई 75 दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा मामले सतना जिले में सामने आए हैं। यहां 2024-25 में 4 सौ 34 केस थे जो 2025-26 में बढ़कर 5 सौ 71 हो गए। यानी 1 सौ 37 मामलों का इजाफा। हर दिन औसतन डेढ़ से ज्यादा मामले दर्ज हुए।
रीवा में तीन गुना बढ़े मामले
रीवा जिले की स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है। यहां 40 से सीधे 111 मामले पहुंच गए यानी करीब तीन गुना बढ़ोतरी। यह साफ संकेत है कि खेतों में आग लगाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है या फिर निगरानी तंत्र पहले से ज्यादा सक्रिय हुआ है। सीधी में 17 से बढ़कर 21 मामले हुए हैं। वहीं सिंगरौली एकमात्र जिला रहा जहां राहत मिली है। यहां 37 से घटकर 22 मामले रह गए। यानी करीब 40 प्रतिशत की कमी आई है।
मैहर के मामले ने चौकाया
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा मैहर से आया है। पिछले साल एक भी मामला नहीं था लेकिन इस बार सीधे 1 सौ 24 केस सामने आ गए। यह बताता है कि नए जिले में नरवाई जलाने की समस्या तेजी से उभरी है। इसी तरह मऊगंज में भी पहली बार 6 मामले दर्ज किए गए हैं।
हवा पर असर दिखने लगा
नरवाई जलाने का सीधा असर अब हवा की गुणवत्ता पर नजर आ रहा है। क्षेत्र में एक्यूआई 75 दर्ज किया गया है जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि यह अभी गंभीर स्तर नहीं है लेकिन लगातार बढ़ती घटनाएं आने वाले दिनों में हवा को और खराब कर सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में सुबह-शाम धुएं की परत साफ देखी जा रही है।
क्यों नहीं रुक रही आग?
किसान कम समय और कम लागत में खेत खाली करने के लिए नरवाई जलाना सबसे आसान तरीका मानते हैं। हैप्पी सीडर और स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसी मशीनें मौजूद हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता सीमित है और किराया भी ज्यादा है। गेहूं खरीदी और अगली फसल की तैयारी के दबाव में किसान जल्दबाजी में यह कदम उठा रहे हैं।
न चिंता न एफआईआर
नरवाई जलाने के मामले में भले ही संभाग आगे निकल रहा हो लेकिन इसके जिलों में बैठे जिम्मेदारों को न तो फील्ड में जाने की फुसरत है और न ही इन आंकड़ों की समीक्षा की। लिहाजा इनको न तो पर्यावरण की चिंता है और एफआईआर की तो सोच भी नहीं रहे। बताया गया है बीते वर्ष एक दो एफआईआर करा औपचारिकताएं की गई थीं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय कलरी देवी की गला घोंटकर हत्या के बाद परिजनों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
मध्यप्रदेश के 2,790 होमगार्ड जवानों के लिए त्योहारों के इस मौसम में बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। 2018 की विशेष भर्ती के दौरान दूसरे जिलों में पदस्थ किए गए जवानों को अब अपने गृह जिले लौटने का अवसर मिलने जा रहा है। सरकार ने जवानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए होमगार्ड नियम, 2016 के प्रावधानों में एक बार के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर शहर में एक आवारा कुत्ते ने दहशत फैला दी है। कुत्ते ने महज 6 घंटे के भीतर 26 लोगों को काटकर घायल कर दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक यह आवारा कुत्ता मुख्य बाजार में घूम-घूमकर राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला करता रहा।
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों में वर्षों से लंबित पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित समाधान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का बड़ा निर्णय लिया है। हाल ही में सरकार द्वारा चलाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के फलस्वरूप विभिन्न कार्यालयों में नए पद रिक्त हुए हैं।
धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह 5 बजे टीटी नगर मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 197 दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 से 11 दिसंबर तक आयोजित होगा। खाद किल्लत, जहरीली शराब और बिजली कटौती पर सरकार को घेरेगा विपक्ष।
भोपाल में सफाई कर्मचारियों की 3 दिन से जारी हड़ताल से सड़कों पर 2550 टन कचरा जमा हो गया है। वीआईपी इलाकों से लेकर बाजारों तक गंदगी का आलम है। जानिए कर्मचारियों की माँगें और शहर के मौजूदा हालात।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर सीएम निवास में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को गरीबों के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही बताया कि MP निवेश में देश में नंबर-1 है।
मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को प्रदेशव्यापी गोवर्धन पूजा का आयोजन। सीएम मोहन यादव भोपाल के रविंद्र भवन से 5.51 लाख निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ से अधिक की राशि करेंगे ट्रांसफर। जानें पूरी डिटेल।
मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया है। जानिए संगठन में हुए इस बड़े बदलाव और कार्यकारिणी के इतिहास के बारे में।