वार्ड क्रमांक 5 में नाली निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ में आने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने मौके पर पहुँचकर गुणवत्ताहीन कार्य को तुरंत तोड़ने और नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। ठेकेदार का भुगतान रोकते हुए चेतावनी दी गई कि निर्धारित मानकों से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही होगी।
सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत के बरका ग्राम में निर्माणाधीन शॉपिंग रूम के कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा मानक विहीन निर्माण कराया जा रहा है। रेत, सीमेंट और सरिया की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जबकि उपयंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पंचायत में केवल रोजगार सहायक की मनमानी चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद हैं।
ब्योहारी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत करोड़ों की लागत से किए गए निर्माण कार्यों की पोल खुलने लगी है। दो महीने पहले बने रेलवे क्वार्टर और अन्य भवनों में बड़ी दरारें पड़ गईं। घटिया सामग्री और ठेकेदारों की मनमानी से स्टेशन परिसर जर्जर होने लगा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सतना में मेयर योगेश ताम्रकार ने वार्ड 14 में 49 लाख से बन रही नाली की गुणवत्ता जांचते समय पैर से ठोकर मारी तो पूरी नाली टूटकर गिर गई। डस्ट और कम सीमेंट से बने इस घटिया निर्माण कार्य को देख मेयर ने संविदाकार व इंजीनियर को फटकार लगाते हुए काम दोबारा करने के आदेश दिए।
सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
गड़बड़ी छिपाने में लीपापोती: सतना में सीवर लाइन और नारायण तालाब सौंदर्यीकरण में घटिया काम उजागर
सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 में बनी सीमेंटेड सड़क मात्र 7-8 महीनों में दरक गई। गुणवत्ता विहीन निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। जिम्मेदारों ने लापरवाही छिपाने के लिए दरारों पर सीमेंट का लेप भरवाया, पर सड़क की मजबूती अब संदेह में है।
सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 की जबलपुर छोर की बाउंड्री वॉल बारिश में ढह गई। वर्ल्ड क्लास स्टेशन के निर्माण में गुणवत्ता की पोल खुल गई है। कोरोना काल में हुए इस विस्तार कार्य में पहले से दरारें दिख रही थीं। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।




















