सतना जिला अस्पताल की जर्जर इमारत में रैंप की छत का प्लास्टर गिरने से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे। रोजाना 1500 मरीजों की आवाजाही के बावजूद मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर प्रशासनिक उदासीनता बनी हुई है।
मैहर के वार्ड क्रमांक 17 में बीएसएनएल की जर्जर बाउंड्री गिरने से 17 वर्षीय किशोरी नेहा कपाड़िया की दर्दनाक मौत हो गई। बारिश के बीच गाय को बचाने के प्रयास में किशोरी मलबे में दब गई। वार्डवासियों ने पहले ही नगर पालिका को भवन की जर्जर हालत को लेकर चेताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रीवा नगर निगम ने मंगलवार को दो अति जर्जर और भयप्रद भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। एक सरकारी और एक निजी भवन को पूर्व सूचना के बाद खाली करवा कर जेसीबी से गिराया गया। यह कार्रवाई ननि आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे के निर्देश पर जिला प्रशासन व पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी की गई।
रीवा नगर निगम ने मंगलवार को दो अति जर्जर और भयप्रद भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। एक सरकारी और एक निजी भवन को पूर्व सूचना के बाद खाली करवा कर जेसीबी से गिराया गया। यह कार्रवाई ननि आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे के निर्देश पर जिला प्रशासन व पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी की गई।
सतना नगर निगम ने 66 जर्जर भवन चिन्हित तो किए, पर कार्रवाई भूल गया। पूर्व में हो चुकी मौतों से भी सबक नहीं लिया गया, बरसात में बना है हादसे का खतरा।
















