रीवा में फर्जी अनुकंपा नियुक्ति घोटाले की 10 माह चली जांच की अंतरिम रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में तत्कालीन डीईओ सुदामा लाल के साथ एक पूर्व डीईओ जीपी उपाध्याय की भूमिका भी सामने आई है। जांच में कई फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हुआ, जिन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामला विधानसभा तक गूंज चुका है।
रीवा में स्कूल मरम्मत के नाम पर 28 लाख के फर्जीवाड़े की जांच पूरी, डीईओ सहित अधिकारी व प्राचार्य दोषी पाए गए।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शिक्षा अधिकारी ने 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के संदर्भ में आदेश जारी किया है। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों पर लागू होगा। आदेश में कहा गया है कि जिला हिंदू और सिख बहुल्य क्षेत्र है और बच्चों पर किसी भी तरह की परंपरा थोपना उचित नहीं है।
सतना जिले के सज्जनपुर शासकीय विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रामकृष्ण गुप्ता का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। शिक्षक ने नकली भू-स्वामी बनकर पत्नी के नाम से जमीन की सौदेबाजी करते हुए 11,000 रुपये वसूले। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला सत्य पाया गया, जिसके बाद जेडी ने शिक्षक को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा है। पूर्व में भी इस शिक्षक के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में कोचिंग दबाव को लेकर शिकायत दर्ज हो चुकी है।
सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक के पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटनवारा में प्राचार्य और शिक्षकों की सोते हुए तस्वीरें वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। यह कोई पहला मामला नहीं है — पिछले महीनों में कई शिक्षकों के नींद में डूबे वीडियो सामने आ चुके हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने जांच के आदेश देने की बात कही है। अब देखना यह है कि क्या विभाग नींद से जागेगा या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में जाएगा।
सतना के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी और वर्तमान रीवा डाइट प्राचार्य टीपी सिंह पर शासन ने 11 लाख 44 हजार 477 रुपए की रिकवरी का आदेश जारी किया है। वर्ष 2010-11 में नियम विरुद्ध बहाली से शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। वहीं रामपुर बघेलान क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल में मेंटेनेंस के नाम पर लाखों के गोलमाल के आरोप सामने आए हैं। कलेक्टर को जांच के लिए ज्ञापन सौंपा गया है।
सीधी ज़िले के सिहावल जनपद अंतर्गत अमिलिया छात्रावास में निरीक्षण के दौरान भोजन और व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आईं। कलेक्टर के निर्देश पर रविवार को डीईओ और अन्य अधिकारियों ने जांच की, जिसके बाद वार्डन के बाद अब रसोइयों को भी हटा दिया गया। छात्राओं ने कार्रवाई पर संतोष जताया।
रीवा जिले की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा सोनी पर स्कूल निरीक्षण के नाम पर शासन की राशि के दुरुपयोग, गैर अनुबंधित वाहन उपयोग, शिक्षकों को कार्यालय में अटैच कर गैर शैक्षणिक कार्य कराने और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद डीईओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। मामला शिक्षकों के वेतन, जीपीएफ और पेंशन प्रकरणों की लापरवाही से भी जुड़ा है।
रीवा में डीईओ और डीपीसी पद पर नियमों को दरकिनार कर जूनियर को नियुक्त कर दिया गया। 1200 वरिष्ठ शिक्षकों की अनदेखी से नाराज़ मऊगंज विधायक ने यह मुद्दा विधानसभा में उठा दिया है। जानिए अब क्या होगा प्रशासन में।
सतना जिले के अमरपाटन में स्कूल निरीक्षण के दौरान डीईओ को छात्र स्कूल से नदारद मिले। शिक्षक ने कहा कि बच्चे रोपा लगाने गए हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति और खेल मैदानों में खामियां भी उजागर हुईं।






















