मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने घोषणा की है कि 13 सितंबर, 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
सतना में बिजली विभाग ने अभियान चलाकर बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई की। 27 घरों की जांच में 15 उपभोक्ताओं पर प्रकरण दर्ज किए गए और 12 स्मार्ट मीटर निकाले गए। विभाग ने चेतावनी दी है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 136 और 139 के तहत तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
गणेश उत्सव पंडालों में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग ने जांच टीम बनाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अस्थाई कनेक्शन बिजली उपयोग करना बिजली चोरी है और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी। छोटे पंडालों के लिए 2000 रुपए और बड़े पंडालों के लिए 4000 रुपए में टीसी कनेक्शन उपलब्ध हैं।
सतना विद्युत मंडल अगस्त माह में बिजली बिल वसूली का लक्ष्य हासिल नहीं कर सका। 95.29 करोड़ रुपए के मुकाबले केवल 29.35 करोड़ (30%) की ही वसूली हो पाई। सबसे कम वसूली रामपुर बाघेलान में रही। इस बीच मैहर में पेट्रोल पंप संचालक मितेश पर होटल निर्माण के दौरान बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया। विभाग ने 51,907 रुपए का दंडात्मक आदेश जारी किया है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सतना में पांच साल पुराने बिजली चोरी मामले में अदालत ने आरपी इंडस्ट्रीज के संचालक नील गगन सिंह ‘पन्नू’ को 3 साल की कैद और 23.86 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 70 किलोवाट बिजली चोरी और 20.73 लाख की रिकवरी न चुकाने से जुड़ा है। इस फैसले के बाद 210 ऐसे उपभोक्ताओं में हड़कंप है, जिनके बिजली चोरी के प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं।
सतना विद्युत विभाग ने 1208 उपभोक्ताओं को अंतिम गुलाबी नोटिस जारी किया है। 4.53 करोड़ रुपए की बकाया राशि न भरने वालों को अब कोर्ट भेजा जाएगा। विद्युत अधिनियम के तहत जेल की कार्रवाई भी संभव, अब तक 230 उपभोक्ताओं के मीटर किए जा चुके हैं डिसकनेक्ट।
सतना में बिजली चोरी पकड़ने का अभियान तेज, 2 किलोवाट कनेक्शन में 7 किलोवाट लोड मिला। जांच दल से मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज। व्ही मित्र एप से नागरिकों से गोपनीय सूचना साझा करने की अपील।



















