मध्यप्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक नामांकन 87.2 प्रतिशत रहा, लक्ष्य से 12.8 प्रतिशत कम। नर्मदापुरम पहले, रीवा दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इंदौर संभाग का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया।
रीवा में स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आनंदम प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 25 कूलर लगाए गए लेकिन 50 का बिल लगाया गया, वहीं 2 एसी को बढ़ाकर 12 दिखाया गया। जांच में मैट, कुर्सी, गद्दा, तकिया तक की संख्या में हेरफेर मिला। 32 लाख फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
मऊगंज के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरदमन में जुलाई माह समाप्त होने के बाद भी कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षक मोबाइल में व्यस्त और क्लास खाली मिली। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है।
पन्ना जिले के लूका पुरवा में बच्चे टीनशेड गुमटी में पढ़ाई कर रहे हैं। जर्जर भवन ढहाया गया लेकिन 9 माह बाद भी नया स्कूल भवन नहीं बना।
















