देश की राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में भीषण आग लग गई। यहां एक कमरे सो रहे पति-पत्नी और मासूम बच्ची की जलकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय, 38 वर्षीय नीलम और 10 वर्षीय जान्ह वी के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
सीधी जिले की मझौली स्वास्थ्य टीम की पांच नर्सें उस समय देवदूत बनकर सामने आईं जब जंगल के बीच चलती बस में सवार गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जोखिम भरी स्थिति को समझते हुए स्टाफ नर्स अंजली गुप्ता और नेहा साकेत ने बिना समय गंवाए बस में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। सीमित संसाधनों के बीच लिया गया उनका त्वरित निर्णय और साहसिक कदम पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। मां और नवजात की स्थिति पूरी तरह स्वस्थ है।
मैहर और सतना के बीच सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। महिला यात्रियों ने संकट की घड़ी में ‘दाई’ बनकर प्रसव कराया। रेलवे स्टाफ और जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए सतना स्टेशन पर मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
सतना जंक्शन को पहली बार महिला टिकट कलेक्टर मिली है, लेकिन स्टेशन पर अब भी टिकट चेकिंग स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। सिर्फ 12 टीसी पदस्थ हैं जबकि 24 पद स्वीकृत हैं। नतीजतन स्टेशन पर बेटिकट यात्री और अव्यवस्था का बोलबाला है, जिससे रेलवे को हर महीने लाखों का नुकसान हो रहा है।
















