देशभर में एनसीईआरटी की किताब को लेकर मच बवाल के बीच अब सीबीएसई ने भी एक बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन-2023) के तहत सीबीएसई अगले सत्र यानी कि 2027-28 से नया सीबीएसई थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी- 2026 लागू करने जा रही है।
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज से देशभर में शुरू हो गई हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 43,67,870 परीक्षार्थी इन दोनों कक्षाओं की परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें कक्षा 10वीं में 25,08,319 और कक्षा 12वीं में 18,59,551 छात्र परीक्षा देंगे।
CBSE ने 2026 से 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं के नियम स्पष्ट किए हैं। जानें पहली परीक्षा में शामिल होना क्यों अनिवार्य है और किन छात्रों को दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा।
CBSE 10th-12th Board Exam 2026 कल 17 फरवरी से शुरू हो रहे हैं। बोर्ड ने विषय चयन और रिपोर्टिंग टाइम को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गलत विषय का पेपर देने पर रिजल्ट हो सकता है रद्द। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 देने वाले छात्र सावधान! बोर्ड ने जारी किया सख्त ड्रेस कोड। जानें लड़कों और लड़कियों के लिए कपड़े और एक्सेसरीज से जुड़े क्या हैं नए नियम
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया है। 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 17 लाख छात्रों की कॉपियां अब डिजिटल मोड में जांची जाएंगी।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी पूरी हो चुकी है। जानें रेगुलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स अपना एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही परीक्षा केंद्र की गाइडलाइंस और नए पैटर्न की पूरी जानकारी।
CBSE ने 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के साइंस (3 सेक्शन) और सोशल साइंस (4 सेक्शन) पेपर पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। जानिए नए नियम, सेक्शन-वाइज उत्तर देने के निर्देश और उत्तर मिक्स करने पर मार्क्स कटने की चेतावनी। सैंपल पेपर जारी।
सीबीएसई 4-10 अक्टूबर तक छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ के लिए वर्चुअल मेंटल हेल्थ सीरीज़ शुरू कर रहा है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर समाप्त होने वाली इस सीरीज़ में एम्स के विशेषज्ञ तनाव, साइबर एडिक्शन और भावनात्मक संतुलन पर मार्गदर्शन देंगे। पंजीकरण और उद्देश्य जानें।
CBSE ने स्कूलों को विशेष परिस्थितियों में कक्षा 1 से 12 तक के सेक्शन में 45 छात्रों तक प्रवेश देने की छूट दी. जानें सामान्य और विशेष स्थिति के नियम.


















