नौ साल पहले ट्रकों की आवाजाही पर नजर रखने और टैक्स चोरी रोकने के मकसद से शुरू किया गया ई-वे बिल अब सब्सिडी वाले खाद की कालाबाजारी पकड़ने में सबसे बड़ा डिजिटल हथियार साबित हुआ है।
वैश्विक बाजार में खाद की आपूर्ति में आ रही रुकावटों और आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने देश के किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बढ़ी हुई कीमत का पूरा आर्थिक बोझ खुद वहन किया। सरकार की इसी नीति के कारण किसानों को आज भी यूरिया की बोरी लगभग 300 रुपए के आसपास ही मिल रही है।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
आज से मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान यूसीसी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं कांग्रेस कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, ओबीसी आरक्षण, बिजली संकट और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित लोगों के विस्थापन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
















