मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर जारी घमासान के बीच केंद्र सरकार इस महीने के आखिर में संसद का एक विशेष सत्र बुला सकती है। संसद के इस विशेष सत्र को बुलाने के पीछे की वजह परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े बिलों को फिर से संसद के सामने पेश करके पास कराना है।
मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद ओबीसी प्रतिनिधियों, प्रकरण के याचिकाकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2019 के 27% OBC आरक्षण संशोधन को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। अब राज्य में 14% आरक्षण ही लागू रहेगा। कोर्ट ने 3 महीने के भीतर 13% होल्ड पदों को अनारक्षित श्रेणी से भरने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू! जल संसाधन और PHE विभाग में संविदाकर्मियों को मिला 50% आरक्षण। 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक करें आवेदन। जानिए पूरी डिटेल।
संसद का नया सत्र जल्द बुलाए जाने के संकेतों ने देश के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद विपक्ष में बेचैनी साफ देखी जा रही है। रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने का जो वादा किया था, सरकार उसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर एससी-एसटी आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू करने की मांग का विरोध किया है। जानें इसके मुख्य कारण और कानूनी तर्क।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद गहराया। विधानसभा सत्र के पहले दिन ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन। जानें क्या है 27% आरक्षण और 13% होल्ड का पूरा मामला।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण के लंबित मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने स्थगन की मांग की, जबकि सपाक्स ने पदोन्नति पर रोक लगाने और जल्द फैसले की अपील की है।
मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण विवाद का असर लाखों शासकीय कर्मचारियों-अफसरों पर पड़ रहा है। नियमित पदोन्नति वर्षों से अटकी होने के कारण विभागों में रिक्तियां, प्रशासनिक कामकाज और नई भर्तियां भी प्रभावित हैं। सामान्य और आरक्षित वर्ग, दोनों के कर्मचारी अब सुनवाई पर निगाहें टिकाए हुए हैं।
राज्यसभा में एनडीए की बढ़ती ताकत और आगामी सत्र में संविधान संशोधन की संभावनाओं का विश्लेषण। जानें कैसे 141 सीटों के साथ एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुँचा।





















