दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा ने त्वरित और सख्त एक्शन लिया है। उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद प्रदेश नेतृत्व ने दतिया जिला भाजपा संगठन की पूरी कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ जहां इस जीत से कांग्रेस का खेमा उत्साह से फूला नहीं समा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के भीतर भोपाल से लेकर दिल्ली तक खलबली मच गई है। चुनाव नतीजों के बाद नेताओं की बयानबाजी ने अंतरकलह के संकेत दे दिए हैं।
मध्य प्रदेश- बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को हुए उपचुनावों की मतगणना जारी है। मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मंजलपुर में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। हालांकि दतिया में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 8253 मत मिले।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का रण अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। 30 जुलाई को ईवीएम में बंद हुए राजनीतिक दिग्गजों के भाग्य का फैसला मतगणना के साथ सामने आ जाएगा। उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी और कांग्रेस ने घनश्यास सिंह पर दांव लगाया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को तय समय पर धुआंधार चुनाव प्रचार का शोर थम गया। अब पूरा चुनावी मुकाबला साइलेंट मोड में आ चुका है, जहां दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों- भाजपा-कांग्रेस का पूरा ध्यान घर-घर व्यक्तिगत संपर्क, जातीय समीकरण साधने और बूथ मैनेजमेंट पर केंद्रित हो गया है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में धनबल और अवैध नकदी के इस्तेमाल को रोकने के लिए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सख्ती बरत रहा है। आदर्श आचार संहिता के तहत गठित उड़नदस्ता टीम और स्टेटिक सर्विलांस टीम जिले के चप्पे-चप्पे पर सघन जांच अभियान चला रही है।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के रण में 21 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। उपचुनाव के लिए नाम वापिसी लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई। इस दौरान तीन ने अपने नाम वापिस लिए हैं। इस तरह नामांकन जांच के बाद शेष बचे 24 में से 21 उम्मीदवार ही चुनावी रण में किस्मत अजमा रहे हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों से साफ हुआ है कि भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी करोड़पति हैं, लेकिन दोनों पर लाखों का कर्ज भी है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक से मिलने खुद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके घर पहुंच गए। बीती देर रात हुई इस मुलाकात ने दतिया के सियासत में सुगबुगाहट तेज कर दी है।






















