मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से जुड़े केस में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।
रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद आज यानी शनिवार को प्रदेशभर में ईद-उल-फितर मनाई जा रही है। भोपाल में गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने 21 मार्च यानी शनिवार को ईद मनाने का एलान किया था। भोपाल के ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा हुई।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर नमाज अदा करना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता। खासकर ऐसे स्थान पर जहां सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे हों। अदालत ने मुंबई एयरपोर्ट के पास नमाज अदा करने की अनुमति देने से इंकार करते हुए कहा कि सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मध्यप्रदेश की राजधानी में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। जाल में फंसाकर छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में एक 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया है। मामले में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली की बात भी सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी और नमाज अदा कराने के दौरान टकराव के हालात न बने, इसके लिए तगड़े पुलिस बल का इंतजाम किए गए हैं। अफसरों ने दस साल पहले यानी 2016 में अपनाए गए फार्मूले पर भरोसा जताया है। तब दोनों समाज आमने-सामने नहीं हुए थे और भोजशाला खाली कराने की नौबत भी नहीं आई थी।



















