चित्रकूट के थरपहाड़ गांव में बीमार युवक को अस्पताल पहुंचाने ग्रामीणों को कंधे का सहारा लेना पड़ा। सड़क सुविधा के अभाव ने स्वास्थ्य सेवाओं और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानिए कैसे भारतीय रेलवे के विश्वस्तरीय दावों के उलट संसद की लोकलेखा समिति और कैग की रिपोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव की पोल खोली है।
रीवा में एयरपोर्ट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर के बीच जिवला का शताब्दी पुराना स्कूल सड़क के अभाव में संकट में है। 36 बच्चे बारिश में स्कूल नहीं पहुंच पाते, शिक्षक भी परेशान हैं।
छुलहा गांव में 900 मीटर मुख्य रास्ता बंद होने और मुरुम नहीं डाले जाने से ग्रामीण दोबारा धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस के बाद सड़क पर काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
देवेन्द्रनगर के बड़ागांव में मिढ़ासन नदी पर स्थायी पुल नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश में जलस्तर बढ़ने से स्कूल, स्वास्थ्य और जरूरी काम प्रभावित होते हैं, ग्रामीणों ने पुल की मांग की।
सतना के पोड़ी पतौरा-धवारी मार्ग की जर्जर हालत से पचास से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण परेशान हैं। बरसात में गड्ढों और कीचड़ के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से अधूरी है।
क्या आप भी देर रात खाना खाते हैं? जानिए देर रात भोजन करने से पाचन, वजन और नींद पर क्या असर पड़ता है और स्वस्थ रहने के लिए भोजन का सही समय क्या है।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना कृषि उपज मंडी में रिकॉर्ड आवक से कारोबार बढ़ा, लेकिन तुलाई में देरी, जाम, शेड की कमी, बारिश का खतरा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से किसान एवं व्यापारी लगातार परेशान हैं।
सतना जिले में खरीफ सीजन से पहले उर्वरक उपलब्धता चिंता का विषय बन गई है। जरूरत के मुकाबले केवल एक-तिहाई खाद उपलब्ध है, जबकि डीएपी का स्टॉक बेहद सीमित होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।






















