आज की बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों का असर अब केवल शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण भारत भी इसकी गंभीर गिरफ्त में आ चुका है। हाल ही में सामने आई एक चौंकाने वाली रिसर्च बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी चुनौती तेजी से विकराल रूप ले रही है।

शोधकर्ताओं का दावा- हाई बीपी, हर तीसरा शख्स है शिकार
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
आज की बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों का असर अब केवल शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण भारत भी इसकी गंभीर गिरफ्त में आ चुका है। हाल ही में सामने आई एक चौंकाने वाली रिसर्च बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी चुनौती तेजी से विकराल रूप ले रही है। अध्ययन के मुताबिक, ग्रामीण आबादी में हर तीन में से लगभग एक वयस्क हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। लेकिन, सबसे चिंताजनक और डराने वाली बात यह है कि इस बीमारी से जूझ रहे अधिकांश लोगों को अपनी इस स्थिति की कोई भनक तक नहीं है। टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस बड़े अध्ययन में 30 से 69 वर्ष की आयु के लगभग 40,000 लोगों के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। ये सभी लोग महाराष्ट्र के बार्शी में 2015 से 2020 के बीच हुए इंडियन स्टडी आॅफ हेल्दी एजिंग का हिस्सा थे।
हैरान करने वाले तथ्य आए सामने
शोध के दौरान जब प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर मापा गया और उनसे पहले बीमारी के बारे में जानकारी ली गई, तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। कुल 31 प्रतिशत प्रतिभागियों में हाई ब्लड प्रेशर की पुष्टि हुई। इनमें से महज 6 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्हें अपनी इस बीमारी के बारे में पहले से पता था, जबकि चौकाने वाली बात यह है कि 25 प्रतिशत लोग पूरी तरह से इस बात से अनजान थे कि वे इस साइलेंट किलर की चपेट में हैं।
बढ़ा खतरा और जागरूकता की कमी
शोध में यह भी पाया गया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हाई ब्लड प्रेशर के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। उम्र और लिंग के प्रभाव को ध्यान में रखने के बावजूद, अधिक शिक्षित लोगों में इसका प्रसार ज्यादा देखा गया। पहले से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में से आधे यानी 50 प्रतिशत को हाई ब्लड प्रेशर की भी समस्या थी।
महिलाएं ज्यादा पीड़ित
यदि जेंडर के आधार पर बात करें, तो इस बीमारी से पीड़ित पुरुषों में केवल 14 प्रतिशत और महिलाओं में 21 प्रतिशत को ही पहले से यह पता था कि उन्हें हाई बीपी है। हालांकि, जिन लोगों को अपनी बीमारी की जानकारी थी, उनमें से 73 प्रतिशत लोग ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाली दवाएं तो ले रहे थे, लेकिन इलाज करा रहे इन लोगों में भी केवल 39 प्रतिशत का ही ब्लड प्रेशर नियंत्रित पाया गया।
लाइफस्टाइल में सुधार और जांच बचाव की कुंजी
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करना हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बन सकता है। इस शोध की सह-लेखक शरयू म्हात्रे का कहना है कि ये नतीजे इस बात पर जोर देते हैं कि ग्रामीण भारत में नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर इलाज और लंबे समय तक फालोअप की अत्यधिक आवश्यकता है।
समय-समय पर ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाते रहें
वहीं, टीएमसी के एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर के निदेशक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई ब्लड प्रेशर की समय रहते पहचान और उसका सही नियंत्रण बेहद जरूरी है। यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए, तो हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की पुरानी बीमारियों से होने वाली मौतों के आंकड़ों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, अपनी लाइफस्टाइल को संतुलित रखें, खानपान में सुधार करें और समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाते रहें।


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