सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने अपनी भाषा नीति में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। हाल ही में जारी एक नए सर्कुलर के मुताबिक, इसी साल 1 जुलाई 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कक्षा 9 के छात्रों के लिए अब तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।

भाषा नीति में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है।
सीबीएसई ने भाषा का आर-1, आर-2 और आर-3 दिया नाम
9वीं में 3 भाषाएं पढ़ना जरूरी पर 10वीं एग्जाम में नहीं होगा
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने अपनी भाषा नीति में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। हाल ही में जारी एक नए सर्कुलर के मुताबिक, इसी साल 1 जुलाई 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कक्षा 9 के छात्रों के लिए अब तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड ने साफ किया है कि यह नियम सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में इस तीसरी भाषा का कोई पेपर नहीं देना होगा। इससे पहले आई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की रिपोर्टों में कहा गया था कि तीन भाषाओं का यह फॉर्मूला कक्षा 6 से ही लागू किया जाएगा, जो 2030-31 तक कक्षा 10 तक पहुंचेगा। नए सर्कुलर ने उसी बुनियादी ढांचे को कानूनी रूप देते हुए कक्षा 9 और 10 के लिए समय-सीमा तय कर दी है और इसे 1 जुलाई से पूरी तरह अनिवार्य बना दिया है।
सबसे बड़ी चुनौती...
इस नए नियम को लागू करने में जमीनी स्तर पर कुछ चुनौतियां भी हैं, खासकर भाषा के शिक्षकों की कमी को लेकर, लेकिन सीबीएसई ने उन स्कूलों के लिए कई लचीले विकल्प दिए हैं जो शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। स्कूल चाहें तो हाइब्रिड टीचिंग (आॅनलाइन और आॅफलाइन दोनों) का इस्तेमाल कर सकते हैं। सहोदय स्कूल क्लस्टर्स के जरिए आपस में संसाधन साझा कर सकते हैं। रिटायर्ड शिक्षकों को रख सकते हैं या फिर दूसरे विषयों के उन शिक्षकों की मदद ले सकते हैं जो उस भाषा को अच्छी तरह जानते हों।
बदलाव के दौर वाली प्रणाली
चूंकि यह बदलाव इसी शैक्षणिक सत्र से लागू हो रहा है, जो कि पहले ही अप्रैल के महीने से शुरू हो चुका है, इसलिए सीबीएसई ने अपनी अध्ययन योजना को एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथ तालमेल में लाने के लिए एक ट्रांजिशनल अप्रोच यानी बदलाव के दौर वाली प्रणाली को अपनाने का फैसला किया है।
अब दो भारतीय भाषाएं पढ़ना अनिवार्य
नए संशोधित व्यवस्था के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिन्हें आर-1, आर-2 और आर-3 नाम दिया गया है। सीबीएसई ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं मूल भारतीय होनी ही चाहिए। छात्र चाहें तो विदेशी भाषा भी चुन सकते हैं, लेकिन वे ऐसा तभी कर पाएंगे जब उनकी बाकी दो भाषाएं भारतीय हों। इसके अलावा विदेशी भाषा को चौथे अतिरिक्त विषय (के रूप में भी लिया जा सकता है।
तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा का कोई दबाव नहीं
सीबीएसई ने छात्रों को एक बड़ी राहत देते हुए साफ कहा है कि कक्षा 10 के स्तर पर इस तीसरी भाषा की कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इस तीसरी भाषा का पूरा मूल्यांकन स्कूलों द्वारा आंतरिक यानी इंटरनल तौर पर ही किया जाएगा। इसके नंबर छात्र के फाइनल सर्टिफिकेट में दिखाई तो देंगे, लेकिन इस विषय की वजह से किसी भी छात्र को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा।
आर-3 का मूल्यांकन करेगा स्कूल
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि छात्रों का ध्यान पढ़ाई पर बना रहे और उन पर कोई फालतू का दबाव न पड़े, इसके लिए कक्षा के स्तर पर आर-3 के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। आर-3 का मूल्यांकन पूरी तरह से स्कूल-आधारित और आंतरिक होगा। छात्र के इस प्रदर्शन को सीबीएसई सर्टिफिकेट में बकायदा दर्शाया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि आर-3 के कारण किसी भी छात्र को कक्षा की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से वंचित नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़िए...
सीबीएसई: अब कक्षा 6 से दो भारतीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी पढ़ना अनिवार्य
सीबीएसई... कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे पढ़ेंगे कौशल बोध का पाठ
सीबीएसई... बोर्ड परीक्षाओं का एलान... पहली बार 10वीं के छात्र दो बार देंगे पेपर


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सीबीएसई के तहत 9वीं क्लास में तीसरी भाषा शुरू करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स पर बेवजह का दबाव पड़ता है।
देश के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) को लेकर सालों से चली आ रही झिझक अब जल्द ही खत्म होने वाली है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि देशभर के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली गई है।
तन्वी ने देश की लड़कियों को संदेश दिया है कि वे अपनी राह खुद चुनें और किसी भी मुश्किल के आगे घुटने न टेकें। उन्होंने कहा-अक्सर लड़कियों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन अगर इरादा मजबूत हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
नीट पेपर लीक घोटाले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। सीबीआई जांच और अब तक हुई गिरफ्तारियों का पूरा अपडेट यहां पढ़ें।
मध्य प्रदेश बोर्ड कक्षा 5 और 8 री-एग्जाम रिजल्ट 2026 जारी! 7 जुलाई को घोषित परिणामों को छात्र आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर अपना रोल नंबर डालकर देख सकते हैं। पूरी जानकारी यहाँ देखें।
नीट यूजी 2027 की परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी और 5-6 दिनों तक चलेगी। जानिए परीक्षा केंद्रों में बदलाव, NTA की नई रणनीति और के. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों की पूरी जानकारी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनसीईआरटी ने 8वीं की सामाजिक विज्ञान की संशोधित किताब जारी कर दी है। नई किताब में न्यायपालिका से जुड़े कई विवादित हिस्से हटा दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े उदाहरण भी किताब से निकाल दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र कक्षा 5वीं और 8वीं की पुनः परीक्षा का परिणाम 7 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे जारी करेगा। छात्र आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
देशभर में अभी पेपर लीक का मामला शांत भी नहीं हुआ था और अब मध्य प्रदेश की सबसे बड़े तकनीकी यूनिवर्सिटी में शामिल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र चोरी हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती 2026 के लिए आवेदन शुरू। 2,548 पदों पर नियुक्ति हेतु पात्रता, अंतिम तिथि और जिलेवार रिक्तियों की पूरी जानकारी यहाँ देखें।