देशभर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जहां हादसे के शिकार लोगों की जिंदगियां तक तबाह हो जाती हैं। लेकिन अनदेखी और उदासीनता का आलम यह है कि करोड़ों वाहन ऐसे दौड़ रहे हैं जिनके पास जरूरी बीमा तक नहीं है। यह हम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार ने खुद सदन में स्वीकार किया है।

देशभर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देशभर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जहां हादसे के शिकार लोगों की जिंदगियां तक तबाह हो जाती हैं। लेकिन अनदेखी और उदासीनता का आलम यह है कि करोड़ों वाहन ऐसे दौड़ रहे हैं जिनके पास जरूरी बीमा तक नहीं है। यह हम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार ने खुद सदन में स्वीकार किया है। संसद में पेश रिपोर्ट के अनुसार देश की सड़कों पर करीब 44 प्रतिशत वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यानी हर दो गाड़ियों में लगभग एक गाड़ी ऐसी है जो कानून के दायरे से बाहर सड़क पर दौड़ रही है।
गडकरी ने राज्यसभा में दी जानकारी
सरकार की ओर से यह जानकारी राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी गई। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि यह आंकड़े वाहन डेटाबेस के आधार पर तैयार किए गए हैं। यह डेटा 6 मार्च 2026 तक एक्टिव वाहनों की जानकारी पर बेस्ड है, जिसमें वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फिटनेस स्टेटस को भी ध्यान में रखा गया है।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। 1988 के मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 146 के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाने के लिए थर्ड पार्टी बीमा होना जरूरी है। अगर कोई वाहन बिना बीमा के चलता पाया जाता है तो धारा 196 के तहत उस पर जुर्माना और अन्य सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद देश में इस नियम का पालन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है।
राज्यों का दिखानी होगी सख्ती
समस्या को देखते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कई बार एडवाइजरी जारी की है। राज्यों से कहा है कि वे नियमों को सख्ती से लागू करें और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाएं। साथ ही सरकार डिजिटल वेरिफिकेशन जैसे तकनीकी उपायों को अपनाने पर भी जोर दे रही है ताकि बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान आसानी से की जा सके। हालांकि इन नियमों को लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी राज्यों की ही है।
पीड़ितों के लिए राहत के कुछ नियम बनाए गए
सरकार ने यह भी बताया कि अगर किसी हादसे में बिना बीमा वाले वाहन शामिल होते हैं तो पीड़ितों के लिए राहत के कुछ नियम बनाए गए हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 164 या 166 के तहत मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं। इसके साथ ही सेंट्रल मोटर व्हीकल नियमों के तहत भी सहायता का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड के जरिए भी पीड़ितों को मदद दी जाती है। जनवरी 2026 में इस फंड के नियमों को अपडेट किया गया है। इसमें बिना बीमा वाले वाहनों से जुड़े हादसों और हिट एंड रन मामलों के लिए अलग खाते बनाए गए हैं। इन फंड के जरिए हादसे में घायल लोगों के इलाज और मुआवजे में मदद दी जाती है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के 'यौम-ए-इस्तेहसाल' को खारिज कर दिया है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के विकास, पीओजेके में मानवाधिकारों के हनन और भारत की सख्त चेतावनी के बारे में विस्तार से पढ़ें।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत में सीएसएएम, डीपफेक कंटेंट और ऑपरेशनल कमियों को लेकर माफी मांगी है। जानें क्या है पूरा मामला और पीएम मोदी का वीडियो हटाने के विवाद पर क्या है संसदीय समिति का रुख।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चुने गए और पार्टी में शामिल हुए 37 राज्यसभा सांसदों के साथ अपने आवास पर नाश्ते पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने संसद की गरिमा, लाइब्रेरी के उपयोग और युवाओं से जुड़ने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के हालिया प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर सुनवाई करते हुए कहा कि युवाओं से निपटने में सख्ती नहीं बल्कि संयम और उनकी बात सुनना जरूरी है। जानिए पूरी खबर।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार से जुड़े डीपफेक, मानहानिकारक और एआई-जनरेटेड फर्जी कंटेंट को तुरंत हटाने का अंतरिम आदेश दिया है।
परिसीमन बिल को लेकर 16 से 18 अगस्त तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की, जबकि विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
भारत में मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट वापस ली जा सकती है, साथ ही कंपनी पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सकता है।
कर्नाटक की एक फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। यहां फैक्ट्री में केमिकल लीक होने से तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मामला कदेचुर-बडियाल इंडस्ट्रियल एरिया का है। मृतक तेलंगाना और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे।
अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है, तो निकट भविष्य में आपको पेट्रोल पंप से ईंधन मिलना बंद हो सकता है। सड़कों पर बिना बीमा दौड़ते वाहनों की गंभीर समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों के चालान काटे जाएं और उन्हें फ्यूल न देने का नियम लागू किया जाए।
SEO विवरण (Description): संसद से 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल 2026' पारित हो गया है। जानिए 2 साल से अधिक देरी पर नए नियम, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की भूमिका और फर्जीवाड़े रोकने के उपायों के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से।