कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया। इस सर्वे के सामने आने के बाद भाजपा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।
By: Arvind Mishra
Jan 02, 202612:39 PM
बेंगलुरु। स्टार समाचार वेब
कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया। इस सर्वे के सामने आने के बाद भाजपा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। ये नतीजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन दावों के बिल्कुल उलट हैं, जिनमें वह चुनावों में ईवीएम हेरफेर और वोट चोरी के आरोप लगाकर भाजपा और चुनाव आयोग पर बार-बार हमला बोलते हैं। सर्वे का शीर्षक नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार पर किए गए अंतिम सर्वे का मूल्यांकन था। इसमें अधिकांश प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है। प्रतिभागियों ने माना कि ईवीएम सही नतीजे देती है। दरअसल, कांग्रेस सरकार के सर्वे में 83.61 फीसदी मतदाताओं ने कहा-वे ईवीएम को विश्वसनीय मानते हैं। कुल मिलाकर, 69.39 फीसदी ने सहमति जताई कि ईवीएम मशीनें सटीक चुनाव परिणाम देती हैं, जबकि 14.22 फीसदी ने पूरी मजबूती के साथ यह विश्वास व्यक्त किया कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है।
102 विधानसभाओं में हुआ सर्वे
सर्वे में बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 मतदाताओं ने भाग लिया। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी अंबुकुमार के माध्यम से इस सर्वे को कराया था। डिवीजन-वार आंकड़ों में कलबुर्गी में सबसे ज्यादा विश्वास दिखा, जहां 83.24 फीसदी ने सहमति और 11.24 फीसदी ने पूरी सहमति जताई कि ईवीएम विश्वसनीय है।
मैसूरु की भी जनता ने लगाई मुहर
मैसूरु में 70.67 फीसदी लोगों ने ईवीएम में अपनी विश्वसनीयता प्रकट की, और 17.92 फीसदी ने मजबूती के साथ ईवीएम में विश्वास होने का दावा किया। बेलगावी में 63.90 फीसदी वोटरों ने ईवीएम को विश्वसनीय बताया और 21.43 फीसदी ने मजबूती के साथ ईवीएम में अपनी विश्वसनीयता प्रकट की। बेंगलुरु डिवीजन में यह आंकड़ा 63.67 फीसदी और 9.28 फीसदी रहा।
भाजपा बोली- राहुल गांधी की कहानी फ्लाप
इधर, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने एक्स पर पोस्ट किया, वर्षों से राहुल गांधी देश भर में घूमकर एक ही कहानी सुना रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है, ईवीएम पर भरोसा नहीं किया जा सकता, हमारी संस्थाएं विश्वसनीय नहीं, लेकिन कर्नाटक ने बिल्कुल अलग कहानी बयां की है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए राज्यव्यापी सर्वे बताता है कि लोग चुनावों पर भरोसा करते हैं।
शिवसेना नेत्री बोलीं-राहुल गांधी मांगें माफी
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा- कांग्रेस पार्टी और सांसद राहुल गांधी ने कभी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं किया। सर्वे बंगलूरू से लेकर बेलगाम और मैसूर तक पूरे राज्य में102 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया और 91.3 फीसदी लोगों ने माना कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं। इससे ईवीएम और आयोग पर सभी संदेह खत्म हो जाते हैं। मुझे लगता है कि अब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए देश से माफी मांगने का समय आ गया है, क्योंकि उन्होंने केवल झूठ फैलाए हैं।