मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों और अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है।

संचालित विभिन्न गतिविधियों की सभी कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा की।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के सभी कलेक्टरों से कह रहा हूं कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूरा कराएं। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारू और बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ाएं। कलेक्टर ऑफिस से बाहर निकले और जिलों में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें। यही नहीं, गांवों में रात्रि विश्राम भी करें। इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। यह बात सीएम डॉ. मोहन यादव मंत्रालय में जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कही। दरअसल, मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर और कलेक्टरों के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे।
सभी समर्पित होकर करें काम
मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों और अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग और जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।
हमेशा क्रियाशील रहें
सीएम ने कहा-प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक संकल्प से समाधान अभियान चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलाएं।
जल स्रोतों को पुनर्जीवित करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब जरूरत है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किए जाएं।
गेहूं खरीदी पर रखी जाए नजर
प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाए। उन्हें समय पर भुगतान भी कराएं। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो।
नवाचार भी करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवाएं। इनकी साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें। तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।
सांदीपनि के परीक्षा परिणाम को करें प्रचारित
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आए उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिए। मप्र के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।
स्कूलों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए। जून में जब स्कूल पुन: खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन कराएं। हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।
संभागों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाए
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाए। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।
पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी
आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाए। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाए।
20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।
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मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों और अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है।
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