संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरिश ने एक बार फिर साफ-साफ कह दिया कि दुनिया को अब धार्मिक पहचान को राजनीतिक हथियार बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य और गैर-राज्य दोनों ही इस खेल में लगे हैं।
By: Arvind Mishra
Mar 17, 202611:03 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरिश ने एक बार फिर साफ-साफ कह दिया कि दुनिया को अब धार्मिक पहचान को राजनीतिक हथियार बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य और गैर-राज्य दोनों ही इस खेल में लगे हैं। दरअसल, भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा और उसके फर्जी प्रोपेगैंडा की पोल खोलकर रख दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है और अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करता है।
भारत में सभी धर्मों को मानने वाले लोग
हरीश ने कहा- भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।
यूएन को भी दिखाया आईना
भारतीय राजदूत ने यूएन को भी आईना दिखाते हुए कहा- संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।
गलत इस्तेमाल पर करो आगाह
भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा-संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
पाक को लगाई बुरी तरह फटकारा
भारत ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा-भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपने आसपास के क्षेत्र में इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने में माहिर है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उस देश में अहमदिया समुदाय के खिलाफ क्रूर दमन को क्या कहा जाएगा, या बेबस अफगानों की बड़े पैमाने पर जबरन वापसी को किस रूप में देखा जाएगा, या फिर पवित्र रमजान के महीने के दौरान किए गए हवाई हमलों को क्या नाम दिया जाएगा।
झूठे और निराधार आरोप
भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है। पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं।
यह भी पढ़िए...