2026 के पहले मौद्रिक नीति समिति के फैसलों का एलान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया। केंद्रीय बजट और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है, जिस पर दलाल स्ट्रीट और आर्थिक जगत की निगाहें टिकी थी।

फैसलों का एलान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
2026 के पहले मौद्रिक नीति समिति के फैसलों का एलान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया। केंद्रीय बजट और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है, जिस पर दलाल स्ट्रीट और आर्थिक जगत की निगाहें टिकी थी। आरबीआई ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे यथास्थिति बनाए रखा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने उम्मीदों के अनुरूप रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। मल्होत्रा ने घोषणा की है कि एमपीसी ने नीतिगत रुख को तटस्थ बनाए रखने का निर्णय लिया है। दरअसल, इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और लोगों की ईएमआई भी नहीं बढ़ेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज यानी शुक्रवार को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी।
2025 में चार बार में 1.25 फीसदी की कटौती
फरवरी 2025 में ब्याज दरों को 6.5 फीसदी से घटाकर 6.25 फीसदी कर दिया था। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की ये कटौती करीब 5 साल बाद की गई थी। दूसरी बार अप्रैल में हुई मीटिंग में भी ब्याज दर 0.25 फीसदी घटाई गई। जून में तीसरी बार आरबीआई में दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी। दिसंबर में 0.25 फीसदी की कटौती के बाद ब्याज दरें 5.25 फीसदी पर आ गई थी।
उपभोक्ता को मिलेगा मुआवजा
रिजर्व बैंक ने एक नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को 25 हजार तक का मुआवजा दिया जाएगा। मल्होत्रा ने कहा- हाल के दिनों में कई धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिन्हें रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाए हैं। इसी सिलसिले में हम डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी जारी करेंगे।
महंगाई अनुमान बढ़ाया
आरबीआई के मुताबिक महंगाई को लेकर स्थिति फिलहाल राहत भरी है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2026 के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को दो फीसदी से बढ़ाकर 2.1 प्रतिशत कर दिया है।
2026 की पहली एमपीसी के बाद मांग व खपत
अर्थव्यवस्था के चालकों पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने कहा कि कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार और अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर गति से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मांग के मोर्चे पर, ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि शहरी खपत में और वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार सौदा निर्यात की गति को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।
विकास दर 7 फीसदी रहने की उम्मीद
आरबीआई ने भविष्य के आर्थिक परिदृश्य पर भरोसा जताते हुए अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है, जिसके क्रमश: 6.9 फीसदी और 7 फीसदी रहने की उम्मीद है। महंगाई के मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है। जनवरी के अंत तक विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के बहुत ही स्वस्थ स्तर पर है और चालू वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा भी मध्यम रहने की उम्मीद है।


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