भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की सुबह बड़ी बिकवाली देखने को मिली। शानदार घरेलू आर्थिक विकास (जीडीपी) के आंकड़ों की खुशी पर पश्चिम एशिया में भड़कती जंग के साये ने पानी फेर दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788.52 अंक गिरकर 76,155.76 पर आ गया, निफ्टी 269 अंक गिरकर 23,786.80 पर पहुंच गया।

बीएसई का बाजार पूंजीकरण पांच लाख करोड़ तक घटा
रुपया डॉलर के मुकाबले 2 पैसे गिरकर 94.97 पर आया
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की सुबह बड़ी बिकवाली देखने को मिली। शानदार घरेलू आर्थिक विकास (जीडीपी) के आंकड़ों की खुशी पर पश्चिम एशिया में भड़कती जंग के साये ने पानी फेर दिया। पश्चिम एशिया (विशेष रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने वैश्विक बाजारों में ऐसा डर पैदा किया कि घरेलू निवेशकों ने भी ताबड़तोड़ बिकवाली की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788.52 अंक गिरकर 76,155.76 पर आ गया, निफ्टी 269 अंक गिरकर 23,786.80 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 2 पैसे गिरकर 94.97 पर आ गया।
एशियाई बाजारों में आज गिरावट
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6627 | -214 | -3.16% |
| निक्केई (जापान) | 64473 | -1742 | -2.63% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25064 | -265 | -1.05% |
बाजार में गिरावट की असली वजह
बैंकिंग और बाजार मामलों के विशेषज्ञ अजय बग्गा के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर रिस्क आॅफ का माहौल बन गया है। ईरान युद्ध में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में रातों-रात 5 प्रतिशत का उछाल आया, जिससे ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इस अचानक आए उछाल से पूरी दुनिया में महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड्स खतरे के संकेत दे रहे हैं।
बाजार के लिए घरेलू-वैश्विक संकेत
भारतीय बाजार इस समय दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ हमारे पास पहली तिमाही के शानदार जीडीपी आंकड़े, शानदार जीएसटी कलेक्शन, मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और आटोमोबाइल बिक्री जैसे मजबूत घरेलू आधार हैं, जो बाजार के लिए बड़े पॉजिटिव हैं। लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिका-ईरान संघर्ष की आग और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी जैसे बाहरी झटके घरेलू बाजार के सेंटिमेंट पर भारी पड़ रहे हैं, जिसके कारण शानदार जीडीपी आंकड़े भी फीके पड़ गए।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 52767 | -419 | -0.79% |
| नैस्डैक | 26100 | -271 | -1.03% |
| S&P 500 | 7631 | -55 | -0.71% |
क्रूड आयल में लगी आग गंभीर चिंता
ब्रेंट क्रूड के तेजी से बढ़कर 95.33 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड के 90.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के बावजूद, एक्सपर्ट्स इसे भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा नहीं मान रहे हैं। यह उछाल सेंटीमेंट के लिए नकारात्मक जरूर है, लेकिन भारत की वृहद आर्थिक स्थिति मजबूत है। हमारा चालू खाता घाटा जीडीपी का सिर्फ 0.5 प्रतिशत है, और हमारे पास 730 बिलियन डॉलर का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है, जो किसी भी बाहरी झटके को सहने के लिए पर्याप्त है।
निवेशकों ने 7 दिन में 14,750 करोड़ के शेयर खरीदे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +4,589 | +14,750 | +56,697 |
| FII/FPI | -7,986 | -13,324 | -8,454 |
बड़े खतरे पर रखनी होगी नजर
इस समय सबसे बड़ा खतरा अमेरिका में बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स है। यदि अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड की यील्ड 5 प्रतिशत के स्तर को छूती है, तो इससे दुनिया भर के शेयर बाजारों में बहुत बड़ी गिरावट आ सकती है। अमेरिकी बाजारों से मिले खराब संकेतों के बाद एशियाई बाजारों में भी लाल निशान छा गया, जहां जापान का निक्केई 2.81 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.44 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.17 प्रतिशत टूट गया।

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की सुबह बड़ी बिकवाली देखने को मिली। शानदार घरेलू आर्थिक विकास (जीडीपी) के आंकड़ों की खुशी पर पश्चिम एशिया में भड़कती जंग के साये ने पानी फेर दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788.52 अंक गिरकर 76,155.76 पर आ गया, निफ्टी 269 अंक गिरकर 23,786.80 पर पहुंच गया।
NCLT की पहली 5-सदस्यीय बेंच ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा के ₹22,000 करोड़ के कर्ज पर मात्र ₹6.25 करोड़ चुकाने के प्लान पर रोक लगा दी है। संपत्ति ट्रांसफर करने पर भी प्रतिबंध है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 1 सितंबर 2026 से पाकिस्तान में पेट्रोल 77 पैसे महंगा होकर 342.79 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 1.03 रुपये सस्ता हुआ है। जानिए अगस्त के रेट्स और असर की पूरी जानकारी।
आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं।
कभी न कभी लगभग हर किसी को किसी न किसी जरूरी काम से बैंक जाना ही पड़ता है। भले ही अधिकतर काम आनलाइन बैंकिंग या फोन बैंकिंग से हो जाते हैं, लेकिन कुछ कामों के लिए ब्रांच विजिट करना ही पड़ता है। आप यहां जान सकते हैं कि किस शहर में कब-कब बैंक बंद रहेंगे और कब-कब खुले रहेंगे।
आज यानी 1 सितंबर से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतन 11.50 रुपए महंगा हो गया है। वहीं, मुंबई में दूध 9 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का फायदा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैश्विक तनाव और अमेरिकी-ईरान युद्ध के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया।
सेबी ने डिबॉक इंडस्ट्रीज और ट्रैफिकसोल पर लगाया प्रतिबंध और भारी जुर्माना। इसके अलावा जीएसटी परिषद की बैठक, विनिवेश के आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और बजट तैयारियों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की बड़ी खबरें पढ़ें।
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