सतना जंक्शन में एटीव्हीएम फेसीलेटर नियुक्ति में फर्जी दस्तावेज मिलने पर रेलवे ने टेंडर निरस्त किया। नई प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, वहीं फेसीलेटर न होने से यात्रियों को टिकट काउंटरों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना जंक्शन में फेसीलेटरों की नियुक्ति का मामला डिवीजन में चर्चा का विषय बना हुआ है। नए फेसीलेटरों को नियुक्त करने के लिए हाल ही में रेलवे ने टेंडर निकाले थे। इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़े को लेकर रेलवे प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है, वहीं एक बार फिर नई प्रक्रिया दोहराई जाएगी। बताया जाता है कि फरवरी माह में जबलपुर मंडल के सतना, मैहर, रीवा समेत 31 स्टेशनों में एटीवीएम (आॅटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) के संचालन के लिए नए फेसीलेटरों की नियुक्त की जानी थी लेकिन इसमें कुछ आवेदकों द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाने की बातें सामने आ रही हैं जिसके चलते रेलवे प्रशासन ने इस प्रक्रिया को निरस्त करते हुए नए सिरे से दोबारा प्रक्रिया करने का निर्णय लिया है। बताया जाता है कि जल्द ही इस प्रक्रिया को अपनाया जाएगा।
... इधर जनरल काउंटरों पर लग रही लम्बी कतार
सतना जंक्शन में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई एटीवीएम इन दिनों बिना फेसीलेटर के यात्रियों को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही हैं। हालत यह है कि मशीनें स्टेशन पर मौजूद तो हैं, लेकिन उन्हें प्रभावी रूप से संचालित कराने वाला कोई नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि पुराने फेसीलेटरों की अवधि 31 मार्च तक निर्धारित थी। 1 अपै्रल से नए फेसीलेटरों के कार्ड जारी कर नियुक्ति की जानी थी लेकिन फर्जीवाड़े के चलते फेसीलेटर नियुक्त नहीं हो पाए। इसका सीधा असर जनरल टिकट लेने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरन टिकट काउंटरों पर लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है।
रेलवे ने खुद दी है स्वयं से टिकट लेने की सुविधा
बताया जाता है कि एटीवीएम मशीनों में खुद से जनरल टिकट निकालने की सुविधा दी। मशीनों में स्टेशन निर्धारित करते हुए आॅनलाइन पेमेंट के बाद यात्री खुद टिकट निकाल सकता है। स्वयं टिकट लेने पर यात्रियों को भी 3 प्रतिशत का बोनस मिलता है। हालांकि फेसीलेटर न होने के बाद कुछ जागरुक यात्री स्वयं से अपनी यात्रा की जनरल टिकट निकालते नजर आते हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए खुला थर्ड काउंटर
एटीवीएम को संचालित करने के लिए फेसीलेटर न होने के कारण स्थानीय रेलवे प्रबंधन द्वारा तीसरा जनरल काउंटर खोला गया है। जिससे यात्रियो को काफी राहत मिल सके। बताया गया कि अभी तक सतना स्टेशन में दो जनरल काउंटर ही संचालित होते थे।
सतना में फेसीलेटर बनने की होड़
जनरल टिकट की आसानी से उपलब्धता के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी बड़े स्टेंशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई हैं। इनके संचालन व यात्रियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं जिसकी अवधि एक साल रहती है। बताया गया कि सतना में 6 एटीवीएम मशीनों के संचालन के लिए रेलवे ने 18 फेसीलेटरों की पोस्ट निर्धारित की थी जिसमें 34 सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने आवेदन किया। जानकारों के अनुसार सतना में फेसीलेटर बनने के लिए होड़ लगी हुई है। रेलवे द्वारा फेसीलेटरों को टिकट बिक्री पर 3 प्रतिशत का कमीशन दिया जाता है। यह कमीशन 150 किमी तक निर्धारित किया गया है वहीं 151 से 500 किमी तक 2 प्रतिशत का कमीशन निर्धारित है।
हाल ही में एटीवीएम में फेसीलेटरों की नियुक्ति के लिए टेंडर किए गए थे जिसमें फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आई थी। इस टेंडर को निरस्त कर नए सिरे से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए काउंटर बढ़ाया गया है, रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा देना है।
डॉ. मधुर वर्मा, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक जबलपुर


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