भोपाल के जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन। नियमितीकरण और 21000 न्यूनतम वेतन सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर न्याय यात्रा। एक महिला कर्मचारी बेहोश।
By: Ajay Tiwari
Feb 25, 20263:19 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जेपी अस्पताल बुधवार को भारी विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से आए हजारों आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 'न्याय यात्रा' निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब भूख-प्यास और थकान के कारण एक महिला कर्मचारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी।

प्रदर्शनकारियों ने संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं से मुख्यमंत्री निवास (CM House) तक पैदल मार्च निकालने की योजना बनाई थी। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने मुख्य गेट पर भारी बैरिकेडिंग कर दी और प्रदर्शनकारियों को वहीं रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न संगठनों (एड्स कंट्रोल एम्पलाइज यूनियन, डेंगू-मलेरिया कर्मचारी संघ, नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन) के प्रतिनिधियों ने एक सुर में अपनी आवाज बुलंद की।
प्रमुख मांगें-

नियमितीकरण: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए।
वेतन वृद्धि: उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये निर्धारित किया जाए।
बकाया एरियर: 1 अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि का पिछले 11 महीनों का एरियर तत्काल भुगतान हो।
बिचौलियों की समाप्ति: आउटसोर्सिंग एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंक खातों में जमा किया जाए।
अन्य लाभ: सरकारी अवकाश, स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी और नियमित भर्ती में 50% आरक्षण की सुविधा।
सुरेंद्र सिंह कौरव, प्रदेश अध्यक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारी महासंघ