भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड में आयोजित बीजेपी की जन आक्रोश महिला पद यात्रा में अश्वनी परांजपे ने कांग्रेस को घेरा। जानें महिला आरक्षण विधेयक पर क्या बोले बीजेपी नेता

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का एमवीएम कॉलेज ग्राउंड सोमवार यानी 20 अप्रैल को नारी शक्ति के संकल्प और विरोध का गवाह बना। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला पद यात्रा' के मंच से बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे हमले किए। यह विरोध प्रदर्शन संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में आयोजित किया गया था।

बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने संसद में महिला आरक्षण बिल को गिराकर जिस तरह से जश्न मनाया, वह देश की आधी आबादी के अपमान का जीता-जागता सबूत है। उन्होंने राष्ट्रकवि दिनकर की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा, "अब याचना नहीं, रण होगा… जीवन या कि मरण होगा।" परांजपे ने चेतावनी दी कि भारत की मातृशक्ति इस अपमान का जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

सागर से सांसद लता वानखेड़े ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक की राह आसान करने वाला दरवाजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी (INDI) गठबंधन ने इस दरवाजे को बंद कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। वानखेड़े के अनुसार, विपक्ष चाहता है कि महिलाएं केवल रैलियों में भीड़ का हिस्सा बनी रहें और तालियां बजाती रहें, लेकिन नेतृत्व उनके हाथ में न आए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति अपना अपमान कभी नहीं भूलती और आज बहनें भोपाल की सड़कों पर अपने हक की लड़ाई लड़ने उतरी हैं। उन्होंने राजा राममोहन राय, डॉ. अंबेडकर और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे इतिहास में भाइयों ने हमेशा बहनों के सम्मान के लिए संघर्ष किया है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर जश्न मनाकर अपनी असलियत दिखाई है। डॉ. यादव ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि 'लड़ सकती हूँ' का नारा देने वाली प्रियंका तब चुप रहीं जब बहनों के अधिकारों को दबाया गया, ठीक वैसे ही जैसे उनके परिवार ने पूर्व में तीन तलाक लागू कर महिलाओं के हितों पर डाका डाला था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे विपक्ष के इस कृत्य के खिलाफ अपना आक्रोश खुलकर व्यक्त करें और कांग्रेस नेताओं से सीधे सवाल पूछें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते थे कि पंचायतों की तरह संसद और विधानसभाओं में भी बहनों को 33% आरक्षण मिले, लेकिन विपक्ष ने इस ऐतिहासिक फैसले में रोड़ा अटकाकर करोड़ों माताओं-बहनों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। खंडेलवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि जो बहनें घर की शोभा बढ़ाती हैं और जो मां जन्म देती है, उनके अधिकारों पर कुठाराघात करने का अधिकार विपक्ष को किसने दिया? अब समय आ गया है कि बहनें कांग्रेस की सभाओं और उनके घर जाकर इस अपमान का हिसाब मांगें।
इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई महिला मंत्रियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में मंत्री कृष्णा गौर, निर्मला भूरिया, राधा सिंह, प्रतिमा बागरी सहित सांसद कविता पाटीदार और महापौर मालती राय जैसी प्रमुख महिला नेत्रियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी नेताओं ने एक स्वर में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को रोकने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।

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स्वामित्व योजना के तहत रीवा ने 22,482 के लक्ष्य में 16,612 रजिस्ट्रियां पूरी कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। बीमारियों और चोटों के बावजूद राजस्व अधिकारी व पटवारी शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं।
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