रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
शुक्रवार की अलसुबह शहर के चार नामी संविदाकारों के निवास एवं आॅफिस में प्रवर्तन निदेशालय की टीम द्वारा छापामार कार्रवाई की गई। केन्द्रीय एजेंसी की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे व्यावसायिक और प्रशासनिक गलियारे में हड़कम्प का माहौल है। सुबह से चल रही जांच के बाद अभी तक यह सामने नहीं आया है कि किस मामले को लेकर ईडी की छापेमार कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि चारों संविदाकारों द्वारा सरिया एवं डामर घोटाले पर जांच की भनक सामने आई है।
गौरतलब है कि शहर के पद्मधर कॉलोनी में केके सोहगौरा के आवास एवं दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय की दस सदस्यीय टीम द्वारा छापेमार कार्रवाई कर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। वहीं इंदिरा नगर स्थित त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा संविदाकार के घर एवं आॅफिस पर भी ईडी की टीम पड़ताल में जुटी है। वहीं मैहर सीमेंट वर्क की आॅफिस पीली कोठी में भी ईडी की टीम दबिश दे रही थी। इतना ही नहीं संविदाकार रामसज्जन शुक्ला के घर पर भी ईडी की टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी हुई है।
बंद कमरे में किसी की आवाजाही प्रतिबंधित
शहर के चार स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान बंद कमरे में जांच की जा रही है। बताया गया है कि इस दौरान जो लोग घर एवं आॅफिस के अंदर पाए गए हैं उनको न ही बाहर जाने दिया जा रहा है और न ही बाहर के किसी भी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति है। हालांकि टीम द्वारा जब दबिश दी गई उस समय यह बताया गया था कि वह प्रवर्तन निदेशालय के हैं एवं उनके पास घर की तलाशी के लिए सर्च वारंट है। बताया गया है कि ईडी की कार्रवाई को लेकर तीन-चार दिनों से सभी को जानकारी भी थी लिहाजा उन्होंने इसे हल्के में लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ईडी की टीमें पूरी तैयारी और सुरक्षा बल के साथ सुबह तड़के ही रीवा पहुंच गई थी। कार्रवाई इतनी अचानक और सुनियोजित थी कि संबंधित लोगों को संभलने या संदेहास्पद दस्तावेजों को छिपाने का जरा सा भी मौका नहीं मिला। फिलहाल ईडी की ओर से इस छापेमारी के मुख्य कारणों और अब तक बरामद हुए दस्तावेजों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कार्रवाई अभी जारी है।
वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही टीम
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी की मुख्य वजह जो सामने आ रही है उसमें विभागीय सूत्रों की मानें तो यह मामला सरकारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी, आय से अधिक संपत्ति और टैक्स चोरी से जुड़ा हो सकता है। बताया गया है कि हाल ही में बड़े निर्माण कार्यों का भुगतान रीवा में हुआ है ऐसी स्थिति में सब कांट्रेक्टर के रूप को खंगाला जा रहा है। रेड के बाद कई बड़े रसूखदारों ने एहतियातन अपने फोन भी बंद कर लिए हैं।
ईडी की कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल
अचानक हुई प्रवर्तन निदेशालय टीम की कार्रवाई से स्तब्ध संविदाकार केके सोहगौरा के भाई प्रदीप सोहगौरा ने मीडिया के सामने आकर एजेंसी के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह अचानक दस लोग हमारे घर के अंदर घुस आए और उन्होंने खुद को ईडी का अधिकारी बताया। लेकिन जब उनसे परिचय पत्र दिखाने के लिए कहा गया तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। विभाग की तरफ से कोई सम्मन या नोटिस नहीं मिला है अचानक इस तरह घर के अंदर घुसकर तलाशी लेना समझ से परे है।
12 लाख नगद और दस्तावेज साथ ले गई ईडी की टीम
ईडी की टीम ने सुबह चार जगहों पर दबिश दी थी। देर रात तक कई जगहों पर कार्रवाई पूरी होने की जानकारी सामने आई। इसमें केके सोहगौरा भी शामिल हैं। उनके घर से शाम को टीम निकल गई। केके सोहगौरा ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे सेमरिया विधायक अभय मिश्रा का हाथ होना बताया। उन्होंने बताया कि डामर घोटाले को लेकर पहले ईओडब्लू से शिकायत की गई। मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद अब ईडी की कार्रवाई हुई। जो सफेद, काला कर रहे उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि ईडी ने घर से 12 लाख नगद और जमीन, घर के दस्तावेज जब्त किए हैं। उन्होंने ईडी पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है।


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