मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कुशवाह समाज पर दिए गए 'गुलाटी' वाले बयान पर भारी विवाद और विरोध के बाद, उन्होंने पत्र जारी कर अपने शब्द वापस लिए और समाज से माफी मांगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर अपने एक विवादित बयान के चलते चौतरफा घिर गए हैं। मुरैना में एक निजी कार्यक्रम के दौरान कुशवाह समाज को लेकर दिए गए उनके बयान ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया। बढ़ते विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच तोमर को आधिकारिक तौर पर पत्र जारी कर अपने शब्द वापस लेने पड़े और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना पड़ा।
यह पूरा विवाद तीन दिन पहले मुरैना के शिवनगर स्थित भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के निवास पर आयोजित एक अभिनंदन समारोह के दौरान शुरू हुआ था। इस पारिवारिक और संगठनात्मक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने एक ऐसा बयान दिया जो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
तोमर ने अपने संबोधन में कहा था कि
- "भाजपा हमेशा समाज के प्रति समर्पित रही, पर कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर गुलाटी मारता रहा, इसलिए उसकी विश्वसनीयता खंडित हुई।" इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के पूर्व नेता कालीचरण का उदाहरण देते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता निष्ठावान रहकर पार्टी में अपना 'खूंटा गाड़कर' रखता है, संगठन उसी का सम्मान करता है और उसे टिकट देता है।
विधानसभा अध्यक्ष का यह बयान सामने आते ही कुशवाह समाज में नाराजगी की लहर दौड़ गई। समाज के लोगों ने इसे पूरे समुदाय का अपमान बताते हुए तीखी निंदा शुरू कर दी। जौरा से पूर्व कांग्रेस विधायक सोनेराम कुशवाह ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कुशवाह समाज के कुछ लोग भाजपा के दलाल हो सकते हैं, लेकिन पूरा समाज नहीं। उन्होंने दो टूक कहा कि समाज को भाजपा से किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। अखंड भारत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामसिया कुशवाह ने भी इस बयान की सार्वजनिक तौर पर कड़ी निंदा की और समाज के अपमान के खिलाफ आवाज उठाई। मामले को बढ़ता देख भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर का आशय पूरे कुशवाह समाज से नहीं था, बल्कि उनका संदेश केवल संगठन के भीतर सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए था।
विवाद के तूल पकड़ने और समाज की नाराजगी गहरी होने के बाद, नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने आधिकारिक लेटरहेड पर एक स्पष्टीकरण पत्र जारी किया।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा:
"प्रिय कुशवाह समाज बन्धुओं, हम विगत दिनों भाजपा अध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर गए थे। यह पारिवारिक कार्यक्रम था और उसी माहौल में चर्चा हो रही थी। कुशवाह और हम लोग एक-दूसरे के पूरक हैं, इसी भाव से जीवनभर कुशवाह समाज का सम्मान करता रहा हूं और जीवनपर्यन्त करता रहूंगा। मैं अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता, यदि मेरे किसी शब्द से किसी समाज बन्धु को ठेस लगी है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं और आप लोगों को जो तकलीफ हुई है उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।"

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के सागर जिले के जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी और 30 हजार के इनामी बदमाश मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर की बुधवार को पुलिस से मुठभेड़ हो गई। मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया-सेसई रोड घाटी पर हुई मुठभेड़ में मनीष के पैर में गोली लगी।
अदालत ने सीलिंग की प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रहवासी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए और सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। भाजपा नेता ने चुनावी शपथपत्र में 1991 के आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कर दिया है। वहीं, पन्ना कलेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में नवीकरणीय ऊर्जा कार्यशाला के दौरान बड़ा बयान दिया है। मुरैना सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट से 2.70 रुपए प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी। जानिए राज्य में पावर सेक्टर की पूरी रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले। प्रदेश की हर विधानसभा में खेल परिसर, रतलाम-सिंगरौली एयरपोर्ट, 2800 मेगावाट बिजली खरीद और 25 सितंबर से शुरू होने वाली 'सुगम बस परिवहन सेवा' की पूरी जानकारी पढ़ें।
भोपाल के बैरसिया क्षेत्र स्थित तरावली गांव में पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब, 12 हाथ भट्ठियां और 15,000 किलो लाहन जब्त किया है।
मध्य प्रदेश में एमबीबीएस के बाद अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर न्यूनतम मानदेय पर नाराजगी जताई है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अवमानना मामले में कड़ा कदम उठाते हुए छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक (एसपी) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पटवारी के नाम पर न होकर शासन के नाम होगी। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी जानकारी।