रीवा में 6वीं और 9वीं के छात्रों को नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में गड़बड़ी सामने आई है। बीईओ ने वितरण समारोह आयोजित करने के बजाय प्राचार्यों को खुद साइकिल उठाकर स्कूल लाने का आदेश दिया, परिवहन खर्च भी नहीं दिया। कई प्राचार्यों को नोटिस भेजा गया, जबकि स्टॉक खत्म हो चुका था। कई स्थानों पर छात्रों को जंग लगी और खराब साइकिलें दी गईं, वहीं प्रति साइकिल 10 रुपये के उपयोग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
6वीं और 9वीं के छात्रों को नि:शुल्क साइकिल वितरण करना था। इसकी जिम्मेदारी बीईओ को दी गई थी। जिस संस्था में साइकिलें रखी गई हैं। वहीं से सामारोह का आयोजन कर वितरण करना था। इस वितरण में अब बीईओ ने नया खेल खेल दिया है। प्राचार्यों को वितरण संस्था से स्कूल परिवहन करने का फरमान जारी कर दिया है। प्राचार्यों को परिवहन का खर्च भी नहीं दिया गया। साइकिल नहीं उठाने वालों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि स्कूल शिक्षा विभाग नि:शुल्क सायकिल प्रदाय योजना के तहत दूर से आने वाले छात्रों को नि:शुल्क साइकिल उपलब्ध कराती है। वर्ष 2025-26 में भी 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल का वितरण किया जाना था। कंपनी ने गवर्नमेंट 1 और 2 के परिसर में ही साइकिल को स्टाक करने और असेंबल करने का काम किया। यहीं से विकासखंड अंतर्गत आने वाली स्कूलों के पात्र छात्रों को साइकिल का वितरण किया जाना था। इसके पहले साइकिल वितरण के लिए सामूहिक आयोजन किया जाता था। एक साथ असेंबल होने वाली जगह पर ही कार्यक्रम का आयोजन कर साइकिल का वितरण कर दिया जाता था। इस बार सब भर्रेशाही चल रही है। बीईओ रीवा ने अलग ही नियम बना दिया है। सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर गवर्नमेंट स्कूल क्रमांक 1 और 2 से ही साइकिल उठाकर संस्था ले जाने के लिए बाध्य कर रही हैं। हितग्राही छात्रों को स्कूल से ही विरतण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शहर की स्कूलें 1 से दो किमी के दायरे में ही हंै। साइकिल का वितरण उसी संस्था से किया जा सकता था, जहां उन्हें असेंबल किया जा रहा है लेकिन अनावश्यक खर्च कर परिवहन में प्राचार्यों को उलझाया जा रहा है। इस परिवहन का खर्च भी बीईओ उठाने को तैयार नहीं है। कई प्राचार्यों ने साइकिल संस्था से नहीं उठाई तो उन्हें नोटिस तक जारी किया गया। बाद में जब कर्मचारी साइकिल लेने गए भी तो वहां स्टॉक ही खत्म हो गया।
प्रति साइकिल 10 रुपए जमा करने का है आदेश
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि साइकिल असेंबल करने वाली कंपनी जिस संस्था में स्टॉक रखेगी। वहां प्रति साइकिल 10 रुपए संस्था में जमा करेगी। इसी 10 रुपए का उपयोग दूर दराज रहने वाले छात्रों की साइकिल घर तक पहुंचाने में किया जाएगा। अब यह 10 रुपए कंपनी से जमा कराए गए लेकिन वह कहां खर्च किया गया। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बीईओ आकांक्षा सोनी प्राचार्यों पर ही साइकिल उठाव करने और छात्रों के घर तक पहुंचाने का दबाव बना रही है। प्राचार्यों के पास भी इस साइकिल उठाव के लिए अतिरिक्त बजट नहीं है। इस खर्च को प्राचार्य कहां दिखाएंगे। यह उनके समझ में नहीं आ रहा है।
खराब साइकिलों का किया जा रहा वितरण
जिस जगह पर साइकिलों का भंडारण किया गया है। वहां साइकिलों के पार्ट आदि का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसीसी को सौंपी गई है। विकासखंड स्तर पर प्राप्त की गई साइकिलों का वितरण पात्र छात्र छात्राओं को समारोह आयोजित कर जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किए जाने के निर्देश दिए गए थे। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक को आमंत्रित कर साइकिल का वितरण किया जाना था लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। वितरण के लिए जो साइकिल दी जा रही है। वह खराब हो चुकी है। कई साइकिल के पहियों में जंग लग चुका था। इसकी मॉनीटरिंग नहीं की गई। सारी साइकिल वितरित कर दी गईं। अब साइकिल का स्टॉक ही खत्म हो गया है।
प्राचार्यों को बीईओ ने जारी किया था नोटिस
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के विपरीत काम किया। उन्होंने मार्तण्ड 1, अजगरहा, बहुरीबांध सहित अन्य प्राचार्यों को पत्र जारी किया। उन्हें साइकिल प्राप्त करने के लिए वाहन व्यवस्था के साथ गवर्नमेंट स्कूल क्रमांक 2 में पहुंचने के आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश को लेकर ही कई प्राचार्य संशय में फंसे रहे। गवर्नमेंट स्कूल क्रमांक 2 में कर्मचारियों को भेजा भी गया लेकिन उन्हें साइकिल भी नहीं मिली। पता चला कि स्टॉक ही खत्म हो गया है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में एनएसयूआई ने पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि जारी करते हुए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना और समान नागरिक संहिता पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सतना में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प, हिरासत, यातायात जाम और थाना वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।