गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव की सूचना पर अमरपाटन विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। लाइन ऑफ एक्शन पूछने पर चीफ इंजीनियर से विवाद हुआ। बाद में अधिकारी ने माफी मांगी।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
भाजपा के शासनकाल में अधिकारी-कर्मचारी किस प्रकार बेलगाम हो चुके हैं इसका उदाहरण समय- समय पर सामने आता रहा है। अब एक नया मामला सामने आया है जिसमें प्रदेश के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह से जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर ने बदजुवानी की। दरअसल रीवा और मैहर जिले से लगे गोविंदगढ़ तालाब में बीती रात पानी रिसाव की खबर सामने आई थी। जिस पर सोमवार को मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से हालात की जानकारी ली। जब उन्हें बताया गया कि जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर बी.के. मंडोले भी आए हुए हैं तो विधायक श्री सिंह ने उनसे फोन पर तालाब के सीपेज को रोकने के लिए किए गए उपायों और लाइन आॅफ एक्शन की जानकारी चाही। इस पर चीफ इंजीनियर ने साफ कहा कि लाइन आॅफ एक्शन से आपका क्या लेना- देना? चीफ इंजीनियर की इस बदजुवानी से नाराज विधायक ने उन्हें कार्यपालिका और विधायिका के संबंधों से लेकर लोकतांत्रिक परम्पराओं की तमाम नसीहतें देते हुए अपनी डिग्री गिनाई। हालांकि बाद में चीफ इंजीनियर ने अपने व्यवहार के लिए विधायक से क्षमा मांगी।
जब पैदा नहीं हुए तब कर ली थी इंजीनियरिंग
जल संसाधन विभाग की चीफ इंजीनियर बी.के. मंडोले की बदजुवानी से नाराज अमरपाटन विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने चीफ इंजीनियर की जमकर क्लास लगाई और उनसे पूछा कहां से इंजीनियरिंग की है और कब का जन्म है? इंजीनियर द्वारा 1975-76 अपना जन्म बताए जाने पर विधायक ने कहा कि जब आप पैदा नही हुए थे तब मैने इंजीनियरिंग कर ली थी। विधायक श्री सिंह ने इंजीनियर को अपनी डिग्री गिना डाली दरअसल, विधायक ने कहा कि हम आपसे ज्यादा पढ़े लिखे हैं और इंजीनियर भी हैं, विदेश से पीएचडी की है इसके साथ ही संविधान की परिभाषा बताई। उन्होंने कहा हो सकता है मैं आपसे ज्यादा जानता हूं तो मुझे बताएं कि तालाब को बचाने के लिए आपके पास क्या तरीका है।
गोविंदगढ़ तालाब में जल रिसाव की खबर फैलने पर आसपास के लोगों में दहशत का माहौल था। कई लोग अपने घर छोड़कर पहाड़ों में चले गए थे, लोग रात भर सोए नहीं थे। रिसाव की सूचना मिलने पर मैं मौके पर गया था, हालात सामान्य हैं। जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर से लाइन आफ एक्शन की जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि आपको इससे क्या लेना- देना। इस पर मैने उन्हें बताया कि मैं भी इंजीनियर हूं, विदेश से पढ़ाई की है, पीएचडी की है। जो तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं उन्हें लोगों को बेहतर तरीके से मैं समझा सकता हूं। आप नहीं समझा सकते। इसके बाद उन्होंने रिसाव रोकने के लिए किए जा रहे उपयों की जानकारी दी। लोग घबराएं नहीं , अफवाहों पर भरोसा न करें। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह, विधायक अमरपाटन
पानी का रिसाव बंद, बांध के क्षरण के संकेत नहीं
मैहर और रीवा जिले की सीमा पर स्थित गोविंदगढ़ तालाब की मेढ़ में पानी रिसाव की सूचना के बाद सोमवार की पूर्व मंत्री एवं अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से रिसाव की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कदम उठाकर सीपेज को बंद करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मेढ़ के उस हिस्से को भी देखा, जहां से पानी रिसने की सूचना मिली थी। उनकी मौजूदगी में संबंधित टीम द्वारा पत्थर, कंक्रीट और सीमेंट की मदद से रिसाव वाले स्थान को भरने का काम शुरू किया गया। विधायक ने स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि स्थिति सामान्य है और किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। जांच के दौरान बांध की आरडी 3750 से 3800 मीटर के बीच दो स्थानों पर मामूली जल रिसाव पाया गया। अधिकारियों के अनुसार रिसाव आधे एचपी से भी कम मात्रा में है।
जलस्तर कम होने पर होगा स्थानीय समाधान
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रिसाव निर्धारित सीमा के भीतर है और बांध के क्षरण के कोई संकेत नहीं मिले हैं। मौके पर किसी विषम परिस्थिति के बनने की संभावना भी नहीं बताई गई है। अधिकारियों ने कहा कि रबी फसल की सिंचाई के बाद जलस्तर कम होने पर रिसाव रोकने के लिए स्थायी उपचार कार्य कराया जाएगा। जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर बी.के. मंडोले ने भी स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि मेढ़ में किसी बड़ी क्षति जैसी स्थिति नहीं है। रिसाव वाले स्थान पर आवश्यक कार्य कराया जा रहा है।


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