दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के पास कोई वैध यात्री बीमा (Passenger Insurance) नहीं था। आरोप है कि क्रूज संचालक ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'मैकल रिसॉर्ट' की एक पुरानी बीमा पॉलिसी पेश की थी

जबलपुर। स्टार समाचार वेब
बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को हुए भीषण क्रूज हादसे की न्यायिक जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले न्यायिक जांच आयोग के सामने जो दस्तावेज और हलफनामे पेश किए गए हैं, उन्होंने क्रूज संचालन की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता पंकज दुबे के माध्यम से आयोग के समक्ष बेहद गंभीर दस्तावेज पेश किए हैं। इन दस्तावेजों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के पास कोई वैध यात्री बीमा (Passenger Insurance) नहीं था। आरोप है कि क्रूज संचालक ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'मैकल रिसॉर्ट' की एक पुरानी बीमा पॉलिसी पेश की थी। यदि जांच में यह धोखाधड़ी शत-प्रतिशत प्रमाणित होती है, तो इसे यात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ और बेहद गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।
जांच में सामने आया है कि क्रूज को पानी में उतारने से पहले जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था:
नियमों का उल्लंघन: मध्य प्रदेश अंतर्देशीय भाप पोत नियम, 1962 के तहत जो 'फिटनेस सर्वे' अनिवार्य होता है, वह कराया ही नहीं गया था।
अधिनियम की अनदेखी: नए अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 2022 के तहत निर्धारित पंजीयन (Registration), सुरक्षा मानक और बीमा संबंधी कड़े प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया।
बड़ा सवाल: अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन के किस स्तर पर बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और बिना यात्री बीमा के इस क्रूज को व्यावसायिक रूप से चलाने की हरी झंडी दी गई?
हादसे के दिन केवल प्रशासनिक चूक ही नहीं थी, बल्कि कुदरत की चेतावनी को भी अनदेखा किया गया। जांच में यह साफ हुआ है कि हादसे वाले दिन मौसम विभाग ने तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम को लेकर पूर्व चेतावनी (Weather Alert) जारी की थी। इसके बावजूद क्रूज प्रबंधन ने लालच में आकर पर्यटकों से भरे क्रूज को जलाशय के बीचो-बीच भेज दिया, जो अंततः इस भीषण हादसे की वजह बना।
सूत्रों के मुताबिक, न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी के आयोग ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और क्रूज मैनेजमेंट को तलब कर तीखे सवाल पूछे हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई?
फर्जी या पुरानी बीमा पॉलिसी पर प्रशासनिक अधिकारियों ने आंखें क्यों मूंद रखी थीं?
मौसम की चेतावनी के बाद भी क्रूज को रुकवाया क्यों नहीं गया?
बताया जा रहा है कि आयोग के सामने अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब बेहद गोलमोल और असंतोषजनक रहे हैं।
बरगी क्रूज हादसे की जांच अब सिर्फ एक 'दुर्घटना' के कारणों तक सीमित नहीं रह गई है। सामने आ रहे सबूत साफ इशारा कर रहे हैं कि यह प्रशासनिक विफलता (Regulatory Failure) और भ्रष्टाचार का एक बड़ा गठजोड़ हो सकता है। जांच आयोग ने अब अपना दायरा बढ़ा दिया है और अब उन सभी रसूखदार चेहरों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की कड़ाई से जांच की जा रही है, जिनकी लापरवाही के कारण मासूम यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सतना में पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के चेक तकनीकी कारणों से क्लियर नहीं हो रहे हैं। भुगतान अटकने से खाताधारकों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि विभाग से स्पष्ट जवाब अब तक नहीं मिला।
सतना में नर्मदा जल पहुंचाने की परियोजना को लेकर अक्टूबर-नवंबर 2026 की नई समयसीमा सामने आई है। वर्षों से मिलती तारीखों के बीच टनल निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी अधूरा है।
नागौद से गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाई गई प्रसूता की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने समय पर आवश्यक चिकित्सकीय प्रयास किए जाने का दावा किया।
सतना और मैहर में 5वीं-8वीं बोर्ड सेकंड चांस परीक्षा के बाद भी आठ हजार से अधिक छात्र असफल रहे। परिणामों ने स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और बुनियादी शिक्षा की गंभीर खामियां उजागर कर दीं।
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक से मिलने खुद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके घर पहुंच गए। बीती देर रात हुई इस मुलाकात ने दतिया के सियासत में सुगबुगाहट तेज कर दी है।
मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बड़ी राहत मिली है। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र को सही पाते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश अब डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसे आधुनिक उद्योगों का नया गंतव्य बन चुका है।
दतिया उपचुनाव में सियासी पारा गर्म! बीजेपी सभा में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी को जिताने का संकल्प लिया। कांग्रेस प्रत्याशी पर साधा निशाना। नामांकन की पूरी अपडेट यहाँ पढ़ें।
दतिया में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा में बढ़े टकराव के बाद कांग्रेस में भी कलह शुरू हो गई है। इसका नजारा कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करते समय साफ दिखा। इससे पार्टी के टेंशन बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से परिवार के साथ रतलाम लौट रहे शासकीय बाल चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह की रतलाम-इंदौर फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा रात करीब 3.30 बजे धराड़ के आगे टोल प्लाजा से पहले एक छोटी पुलिया के डिवाइडर पर हुआ। ड्राइवर को नींद में था।